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महिलाओं की सुरक्षा,हड़िया महुआ और आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे की जांच की मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता। 

भारत दिशोम आदिवासी संघ के पदाधिकारियों ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर गिरिडीह के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से हड़िया-दारू और नशापान पर नियंत्रण, रात्रि मेला-जतरा, डीजे-ड्रमा एवं देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों पर निगरानी रखने तथा महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि कई स्थानों पर नशापान और देर रात तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं। ऐसी परिस्थितियों में छेड़छाड़, यौन हिंसा और बलात्कार जैसी गंभीर घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए।

समाज के पदाधिकारियों ने पीरटांड़ प्रखंड के हरलाडीह क्षेत्र से संबंधित छेड़छाड़ एवं बलात्कार की घटना का उल्लेख करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था जरूरी है। इसके अलावा, ज्ञापन में छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) के तहत आदिवासी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामलों की जांच कराने की भी मांग की गई। समाज ने जिला प्रशासन से सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने की अपील की, ताकि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा हो सके और महिलाएं सुरक्षित माहौल में रह सकें।इस दौरान संघ के जिला अध्यक्ष रंजित हेंब्रम,विश्वनाथ मुर्मू,मुकेश बेसरा,अनिल टुडू,राजेंद्र हेंब्रम,अमरेशन हांसदा, राजेन्द्र हेंब्रम, राजेश सोरेन, बबलू बास्के, बाबूलाल मरांडी सहित कई लोग शामिल रहे।

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