50वें दिन भी जारी रहा किसान जनता पार्टी का अनिश्चितकालीन धरना, समाहरणालय तक निकाला प्रदर्शन।
SHIKHAR DARPANTuesday, October 06, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
किसान जनता पार्टी के अनिश्चितकालीन धरना के 50 दिन पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को किसानों ने धरना स्थल से गिरिडीह समाहरणालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने तख्ती-बैनर के साथ जमीन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में “बिना घूस लिए रजिस्टर-टू देना होगा”, “मृत रैयतों का उत्तराधिकार नामांतरण करना होगा”, “गैरमजरुआ खास, भूदान-बकाश्त जमीन का लगान रसीद निर्गत करो”, “वन भूमि पर दखलकार किसानों को वन पट्टा दो” सहित कई नारे लगाए गए। साथ ही जमीन के सभी प्लॉट की ऑनलाइन इंट्री, किसान सम्मान निधि में कथित घूसखोरी बंद करने तथा तिसरी में महिला किसानों पर लाठीचार्ज के मामले में पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान “भू-माफिया हटाओ, नोटा जिताओ” के नारे भी लगाए गए।धरना को संबोधित करते हुए किसान जनता पार्टी के केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी 2024 को गिरिडीह जिले के सभी मौजा के रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। उनके अनुसार आदेश के 31 महीने बाद भी किसानों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों के दबाव में जिला प्रशासन किसानों के अधिकार के रास्ते में बाधा बन रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकार के लिए भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों को हटाना होगा और नोटा को जिताना होगा। किसान जनता पार्टी युवा मोर्चा के संयोजक विक्रम मुर्मू ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के मामले में हाल में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी घूस मांगते हैं या आम जनता को परेशान करते हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। प्रदर्शन के बाद किसानों ने हस्ताक्षरयुक्त 10 पृष्ठ का ज्ञापन अपर समाहर्ता, गिरिडीह को सौंपा। कार्यक्रम स्थल पर किसानों की ओर से पत्रकार विजय कुमार पाठक को साहसी पत्रकार के रूप में सम्मानित भी किया गया। प्रदर्शन में विष्णु सिंह, अमरेंद्र सिंह, दासो मुर्मू, विजय कुमार, घनश्याम पंडित, नारायण राय, संतोष चक्रवर्ती, विक्रम मुर्मू, गीता देवी, संगीता मरांडी, सुमनी सोरेन, बाटु मरांडी, ललिया देवी, सबीना हेम्ब्रम, फागु राय, राजेंद्र यादव, कलावती देवी, शंभू राय, जहांगीर अंसारी, अफसर खान, संचित गुप्ता, सनातन तिवारी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।