उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों का किया निरीक्षण, नियमों के अनुपालन की हुई जांच।
SHIKHAR DARPANThursday, August 27, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार आज अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह धीरेंद्र कुमार द्वारा शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुपालन, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं मूलभूत सुविधाओं तथा कोचिंग संस्थानों के संचालन से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। निरीक्षण के क्रम में विक्रमादित्य क्लासेस, दशरथ मैथेमेटिक्स क्लासेस, राजीव क्लासेस एवं एक्साम गाइडेंस सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संस्थानों में विद्यार्थियों का पंजीकरण, ट्यूटर्स/शिक्षकों से संबंधित अभिलेख, कोचिंग सेंटर का पंजीकरण, कक्षाओं की व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, अध्ययन सामग्री, सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन एवं अन्य आवश्यक मानकों से संबंधित बिंदुओं की जांच की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित संचालकों को निर्देश दिया कि कोचिंग संस्थानों का संचालन निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप ही किया जाए।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ संस्थान में आवश्यक सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने संस्थान संचालकों को सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज अद्यतन रखने तथा निर्धारित प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि कोचिंग संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा तथा निर्धारित नियमों का अनुपालन प्रशासन की प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा जिले में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों से अपील की गई है कि वे झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2025 के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराएं। निरीक्षण का उद्देश्य किसी संस्थान को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सभी कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों एवं नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है।