केसीसी ऋण की कम प्रगति पर गंभीरता, लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन एवं ऋण प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर।
SHIKHAR DARPANThursday, August 27, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
समाहरणालय सभाकक्ष में आज उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की जून 2026 तिमाही की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग एवं वित्तीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तथा आमजनों को सुलभ रूप से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान वार्षिक ऋण योजना (ACP) की बैंकवार प्रगति, CD Ratio, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), PMFME, PM SVANidhi, MUDRA, B-PMFBY, स्वयं सहायता समूह (SHG) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त CFL एवं FLC के माध्यम से संचालित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान KCC की उपलब्धि अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर उप विकास आयुक्त रश्मिता कुमारी ने विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। कुछ बैंकों द्वारा एक लाख रुपये से अधिक के KCC ऋण के लिए LPC की अनिवार्यता की जानकारी दिए जाने तथा विभिन्न अंचलों में आवेदकों को LPC उपलब्ध कराने में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा भी बैठक में सामने आया।
उप विकास आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक समन्वय के साथ समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही। बैठक में स्वयं सहायता समूहों, छोटे कारोबारियों, किसानों एवं जरूरतमंद लोगों को ऋण तथा अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। सभी बैंकों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा लंबित ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं जनोन्मुखी बनाने पर बल दिया गया। उपायुक्त रामनिवास यादव ने भारतीय स्टेट बैंक को भेलवाघाटी एवं आसपास की पंचायतों में बैंक शाखा की आवश्यकता को देखते हुए शाखा खोलने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में गुरूजी क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की गई। स्वीकृत ऋण राशि की तुलना में संवितरित राशि कम पाए जाने पर संबंधित बैंकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। उपायुक्त ने स्वीकृत ऋण के समयबद्ध संवितरण तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, एल डी वो भारतीय रिजर्व बैंक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे। संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों ने एजेंडा के अनुरूप अपने-अपने विभाग एवं बैंकों की प्रगति से अवगत कराया।
बैठक में गुरूजी क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की गई। स्वीकृत ऋण राशि की तुलना में संवितरित राशि कम पाए जाने पर संबंधित बैंकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। उपायुक्त ने स्वीकृत ऋण के समयबद्ध संवितरण तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, एल डी वो भारतीय रिजर्व बैंक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे। संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों ने एजेंडा के अनुरूप अपने-अपने विभाग एवं बैंकों की प्रगति से अवगत कराया।उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभागों एवं बैंकों के बीच बेहतर समन्वय, प्रभावी अनुश्रवण एवं सकारात्मक पहल आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को समन्वित प्रयास के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभुकों तक वित्तीय सेवाओं एवं ऋण योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया।