दुखिया महादेव वाटर प्लांट का माले नेताओं ने लिया जायजा, तेजी से काम पूरा करने की मांग।
SHIKHAR DARPANThursday, August 27, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
दुखिया महादेव वाटर प्लांट की वस्तुस्थिति का जायजा लेने गुरुवार को माले नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम पहुंची। टीम ने प्लांट में चल रहे कार्यों को देखा और इसे सकारात्मक प्रगति बताया। हालांकि, माले नेताओं ने कहा कि हजारों घरों को पानी मिलने का इंतजार है, इसलिए काम में और तेजी लाने की जरूरत है। माले नेता राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय के नेतृत्व में करीब एक दर्जन कार्यकर्ता प्लांट पहुंचे। टीम ने देखा कि पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा मुख्य गेट अब खुल गया है। प्लांट परिसर में उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियों की सफाई भी की गई है। मौके पर मौजूद मोहम्मद हबीब ने बताया कि विभाग की ओर से रोजाना काम कराया जा रहा है। बताया गया कि करीब 15 दिन पहले गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव की अगुवाई में पीएचईडी विभाग की टीम प्लांट पहुंची थी। उपायुक्त ने मौके पर करीब डेढ़ घंटे तक रहकर प्लांट को चालू कराने की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए थे। विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा था। निर्धारित अवधि पूरी होने पर माले की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रगति की जानकारी ली।
माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए इस प्लांट से तीन पंचायतों के लोगों को पानी मिलना था, लेकिन शुरू होने के बाद इसके प्रबंधन और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। माले की ओर से करीब तीन महीने पहले भी इस मुद्दे को मीडिया के माध्यम से उठाया गया था। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की पहल के बाद अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही तीनों पंचायतों के लोगों को पानी मिल सकेगा।वहीं कन्हाई पांडेय और मसूदन कोल ने कहा कि महुवाटांड़ क्षेत्र अपेक्षाकृत सूखा इलाका है और वहां कई जगह पाइपलाइन भी नहीं बिछाई गई है। उन्होंने मांग की कि प्लांट को जल्द चालू करने के साथ-साथ अधूरे पाइपलाइन कार्य को भी पूरा किया जाए। माले नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों को लंबे समय से पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और विभाग को किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतते हुए युद्धस्तर पर काम पूरा करना चाहिए। मौके पर राजेश राय, किशोर राय, भीम कोल, मोहन कोल्ह, प्रदीप कुमार, फेकना राय, गुलाब कोल्ह, रंजीत सिंह, टैटू राय, बुधन राय, अरविंद मुर्मू, मोहन कोल समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।