चैताडीह वाटर प्लांट खराब, शहर के कई इलाकों में तीन दिनों तक पेयजल संकट की आशंका//माले नेता राजेश सिन्हा ने प्लांट का किया निरीक्षण, नगर निगम और ठेकेदार पर लगाया लापरवाही का आरोप।
SHIKHAR DARPANSunday, July 19, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र के चैताडीह वाटर प्लांट में खराबी आने के कारण शहर के कई इलाकों में आगामी दो से तीन दिनों तक पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।चैताडीह के आसपास के क्षेत्रों के अलावा भंडारीडीह, कृष्णानगर, पचंबा समेत दर्जनों इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की बात कही जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद माले नेता राजेश सिन्हा ने चैताडीह वाटर प्लांट पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्लांट कर्मियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्लांट में खराबी की जानकारी लोगों को छोटे माध्यम से दी गई है, जबकि नगर निगम या संबंधित ठेकेदार की ओर से व्यापक स्तर पर लोगों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कुछ दिनों के लिए खंडोली पावर प्लांट से पाइपलाइन जोड़कर जलापूर्ति बहाल की जा सकती थी। राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि नगर निगम और संबंधित ठेकेदार की लापरवाही के कारण शहरवासियों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में 36 वार्ड पार्षदों के अलावा मेयर और डिप्टी मेयर भी हैं, लेकिन शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर अपेक्षित गंभीरता नजर नहीं आती।
उन्होंने कहा कि प्लांट से टंकी तक पानी पहुंचने में करीब 15 घंटे का समय लगना भी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि यहां पानी पहुंचाने के लिए बेहतर पंपिंग व्यवस्था तक नहीं है। सिन्हा ने कहा कि नगर विकास मंत्री गिरिडीह जिले से हैं। यदि वे मामले का संज्ञान लें तो शहर के सभी चार वाटर प्लांटों और पानी की टंकियों की मरम्मत व सफाई का कार्य कराया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में मूलभूत सुविधाओं की अपेक्षा कमीशनखोरी वाले कार्यों पर अधिक जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्डों की जनता पेयजल समेत कई समस्याओं से परेशान है, लेकिन जनप्रतिनिधि इन मुद्दों पर मुखर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि झामुमो, भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों की ओर से इस समस्या के समाधान को लेकर क्या पहल की जाती है, यह जनता देख रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्मियों द्वारा लगातार प्रयास कर जल्द ही प्लांट को दुरुस्त कर लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल जंग लगे पाइपों को बदलकर व्यवस्था सुधारने का दावा करने के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत है। प्लांट निरीक्षण के दौरान बबलू सानू, उमेश, चंदन और रियाज समेत अन्य लोग मौजूद थे।