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ग्रामीण विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, एक माह में दिखे ठोस परिणाम : उपायुक्त।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में VB-GRAM-G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, आईएएस प्रशिक्षु, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, कार्यक्रम पदाधिकारी, रोजगार सेवक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगामी एक माह के भीतर योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब या लक्ष्य से पीछे रहने की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध कार्य निष्पादन और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। बैठक में VB-GRAM-G के तहत जॉब कार्डों की अद्यतन स्थिति, पात्र परिवारों के सत्यापन, लंबित ई-केवाईसी, परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग तथा एमआईएस एंट्री की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करते हुए शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और समय पर जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर अद्यतन डाटा प्रविष्टि से ही योजनाओं की वास्तविक प्रगति की प्रभावी निगरानी संभव है। समीक्षा के दौरान बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन, आवास प्लस-2024, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-25 एवं 2025-26 तथा अबुआ आवास योजना 2023-24 की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वीकृत आवासों का समय पर निर्माण, लाभुकों को भुगतान में विलंब नहीं होने तथा सभी चरणों की जियो टैगिंग समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

साथ ही लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल समाधान कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। वहीं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने VB-GRAM-G के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों, मुखियाओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने "125 दिन का महाअभियान" मिशन मोड में संचालित करने, ग्रामीण श्रमिकों को न्यूनतम ₹300 प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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