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78 साल का इंतजार खत्म: दलुआडीह तक पहुंचेगी सड़क, 1.28 करोड़ की दो योजनाओं को मिली स्वीकृति, डीसी ने गांव पहुंचकर दिया भरोसा।

पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।

पारसनाथ की तराई में बसे मधुबन पंचायत के आदिवासी बहुल दलुआडीह,डिहिया,बरवाबेड़ा, कुरुआटांड सहित अन्य गांव के लोगों का वर्षों पुराना सड़क का सपना अब साकार होने की ओर बढ़ गया है। आजादी के 78 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित रहे इस गांव के लिए आखिरकार अच्छी खबर आई है। हाल ही में सड़क के अभाव में एक प्रसूता को खटिया पर टांगकर मुख्य सड़क तक ले जाने की घटना सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव स्वयं दलुआडीह पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया। उपायुक्त ने ग्रामीणों को बताया कि गिरिडीह विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की पहल पर दलुआडीह तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिला योजना अनाबद्ध निधि से दो महत्वपूर्ण सड़क योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं को तेजी से दूर किया जा रहा है, ताकि जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य प्रारंभ कराया जा सके। प्रशासन की ओर से जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार पहली योजना के तहत पीरटांड़ प्रखंड के मधुबन (उत्तरी पारसनाथ) पंचायत अंतर्गत पीपराडीह से दलुआडीह तक पीसीसी पथ निर्माण के लिए 88 लाख 62 हजार 400 रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं दूसरी योजना के तहत उत्तरी पारसनाथ पंचायत के कोटाटांड़ से बाघूट सीमा प्रारंभ तक एवं बाघूट लाइफ की सीमा के अंत से नदी तक पीसीसी पथ निर्माण के लिए 39 लाख 57 हजार 400 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों योजनाओं पर कुल 1 करोड़ 28 लाख 19 हजार 800 रुपये खर्च किए जाएंगे। दलुआडीह गांव के अंतर्गत करीब 12 टोले आते हैं। वर्षों से यहां तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं थी। बीच में नदी होने के कारण ग्रामीणों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती थी। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। किसी के बीमार होने पर उसे खाट (खटिया) पर टांगकर दो से तीन किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हाल ही में प्रसूता को खटिया पर ले जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया था।

गांव पहुंचे उपायुक्त रामनिवास यादव ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण के साथ-साथ नदी पर पुलिया का निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि वर्षभर निर्बाध आवागमन संभव हो सके। इसके अलावा पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए लगभग छह माह का समय मांगा और कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता से क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार मरांडी, अंचलाधिकारी ऋषिकेश मरांडी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस अवसर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची से संबंधित प्रपत्र भरने के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। उपायुक्त के आश्वासन और सड़क योजनाओं की स्वीकृति मिलने से दलुआडीह सहित आसपास के गांवों के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्धारित समय पर सड़क और पुलिया का निर्माण पूरा हो जाता है तो दशकों पुरानी समस्या समाप्त होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा रोजगार के क्षेत्र में भी गांव के विकास को नई गति मिलेगी।

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