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मधुबन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का शांतिपूर्ण धरना, मजदूरों के अधिकारों की उठी आवाज।

पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेतृत्व में गुरुवार को मधुबन स्थित श्री दिगम्बर जैन सम्मेदाचल विकास कमिटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरना कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीण एवं संगठन के कार्यकर्ता मौके पर जुटने लगे। कार्यक्रम के दौरान मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई तथा प्रबंधन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। धरना में शामिल लोगों का कहना था कि वर्षों से कार्य कर रहे कई कर्मियों को कार्य से हटा दिया गया तथा ग्रामीणों और मजदूरों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की बातें सामने आती रही हैं। इसी के विरोध में यह एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, उचित मुआवजा और सम्मानजनक व्यवहार की मांग की। धरना कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष गाजो महतो ने किया।

इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम महतो भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उनके साथ संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें जिलाध्यक्ष -अमित महतो,केंद्रीय महासचिव -सुरेंद्र महतो,वरीयउपाध्यक्ष -नरेश महतो,प्रखंड उपाध्यक्ष -दीपक मंडल,सीताराम महतो,भोला राणा, राजकुमार पटेल, कामेश कुमार, राजू महतो, दिनेश महतो, प्रकाश महतो विधायक प्रतिनिधि डुमरी,महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम देवी,कोषाध्यक्ष रुपमानी देवी सहित अन्य लोग शामिल थे। धरना स्थल पर पहुंचे विधायक जयराम महतो ने श्री दिगम्बर जैन सम्मेदाचल विकास कमिटी के पदाधिकारियों से फोन पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि इस मामले का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालने का प्रयास किया जाएगा और जल्द ही दोनों पक्षों को बैठाकर चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने आशा जताई कि वार्ता के जरिए मजदूरों की समस्याओं का समाधान संभव है। विधायक ने कहा कि वर्षों तक सेवा देने वाले कई कर्मियों को वर्ष 2007 में कार्य से हटा दिया गया था। इसके बाद प्रभावित लोग न्याय की मांग को लेकर श्रम विभाग पहुंचे थे, जहां यह निर्णय लिया गया था कि संबंधित कर्मियों को उचित मुआवजा दिया जाए।

लेकिन धरना में शामिल लोगों का आरोप है कि आज तक उस निर्णय को पूरी तरह लागू नहीं किया गया और प्रबंधन द्वारा उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। जयराम महतो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई और वार्ता के माध्यम से समाधान नहीं निकला, तो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा। धरना कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि मांगों के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इससे क्षेत्र में मजदूरों और प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

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