मधुबन में 28-29 जून को माले का जिला सम्मेलन, तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे राजेश सिन्हा।
SHIKHAR DARPANFriday, June 26, 2026
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पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।
28 और 29 जून को मधुबन में आयोजित होने वाले माले के दो दिवसीय जिला सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने माले नेता राजेश सिन्हा मधुबन पहुंचे। उन्होंने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। जानकारी के अनुसार, 28 जून को सम्मेलन के तहत खुला सत्र, विशाल रैली और प्रदर्शन का आयोजन होगा, जिसमें करीब 5 हजार समर्थकों, कैडरों, शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा नेताओं के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन में माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आरा सांसद सुदामा प्रसाद, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पूर्व विधायक विनोद सिंह, राज्य सचिव मनोज भक्त सहित राज्य एवं जिला कमेटी के सदस्य, विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारी, महिला, युवा और छात्र संगठन के हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। माले नेताओं ने बताया कि इस बार जिला सम्मेलन के लिए मधुबन का चयन विशेष रणनीति के तहत किया गया है। उनका कहना है कि पीरटांड़ प्रखंड और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में संगठन को और मजबूत करने तथा जनसरोकार के मुद्दों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सम्मेलन यहां आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन की तैयारियों में जिला सचिव अशोक पासवान, किसान नेता पूरन महतो, राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, अजीत राय, सोहन महतो, मनोज महतो, हराधन तुरी, योगेश्वर महतो, सूरज तुरी, बसंत कर्मकार, नागेश्वर महतो, भीम कोल और अरविंद टुडू समेत कई कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। आयोजकों के अनुसार, सभा स्थल मध्यलोक भवन (बिसपंथी के सामने) बनाया गया है, जबकि रैली का समापन थाना मोड़ मेला मैदान में होगा। बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों एवं अतिथियों के ठहरने के लिए भोमिया भवन के अलावा अन्य गेस्ट हाउस की भी व्यवस्था की गई है। 28 जून की शाम आमसभा के बाद आम प्रतिभागी लौट जाएंगे, जबकि प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित होगी। वहीं 29 जून को संगठन विस्तार, विभिन्न क्षेत्रों की कार्ययोजना तथा नई जिला कमेटी के गठन सहित अन्य संगठनात्मक विषयों पर चर्चा और निर्णय लिया जाएगा। माले नेताओं ने बताया कि सम्मेलन की तैयारी पिछले एक महीने से लगातार चल रही है। उनका कहना है कि संगठन को और मजबूत बनाने, जन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।