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बिरनीं क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी अवैध बालू खनन, प्रशासन मौन—राजस्व को लाखों का नुकसान, पुल पर मंडरा रहा खतरा।

बिरनीं,शिखर दर्पण संवाददाता।

बिरनीं क्षेत्र में नदी घाटों से अवैध बालू खनन का कारोबार इन दिनों बेखौफ तरीके से चल रहा है। प्रशासन की नाक के नीचे संचालित इस गोरखधंधे से सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के किसी भी बालू घाट की अब तक आधिकारिक नीलामी नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए खुलेआम बालू का उठाव किया जा रहा है। यह पूरा खेल संगठित तरीके से चलाया जा रहा है, जिसमें खनन माफिया बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।बताया जाता है कि बडाकर नदी के खैरा घाट पर सुबह चार बजे से लेकर सात बजे तक बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जाता है।

इस दौरान नदी से भारी मात्रा में बालू निकालकर विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।अवैध खनन का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। लगातार हो रहे बालू उठाव से नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं खैरा घाट के समीप स्थित पुल की नींव भी कमजोर होती जा रही है। इससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से अवैध बालू खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

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