जनता के सवालों पर आंदोलन तेज करने की जरूरत : अशोक पासवान।
SHIKHAR DARPANSaturday, March 28, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह और गांडेय विधानसभा क्षेत्र के जिला एवं प्रखंड कमिटी सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक बेंगाबाद प्रखंड के रातडीह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला माले कमिटी के सचिव अशोक पासवान ने की, जबकि संचालन अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पूरन महतो के नेतृत्व में हुआ। बैठक में संगठन विस्तार, पार्टी सदस्यता अभियान को तेज करने तथा किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं को व्यापक रूप से संगठन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। जिला सचिव अशोक पासवान और किसान नेता पूरन महतो ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे प्रदूषण, खनन क्षेत्र की समस्याएं, थाना-पुलिस और ब्लॉक स्तर पर काम में हो रही लापरवाही—पर अब तेज आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जनता का काम नहीं होता है तो संगठन को सीधे आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई। बैठक में गिरिडीह नगर सचिव सह जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय और प्रखंड सचिव मसूदन कोल ने 2029 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की बात कही। उन्होंने फैक्ट्री क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
साथ ही स्थानीय लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार देने के सरकारी प्रावधान को लागू कराने पर जोर दिया गया।नेताओं ने कहा कि बालमुकुंद फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों की समस्या का अब तक समाधान नहीं हुआ है, जिसके खिलाफ फिर से आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं ताराटांड़ थाना क्षेत्र में हो रही बालू तस्करी पर भी चिंता जताते हुए उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई।गांडेय विधानसभा क्षेत्र के शंकर पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू, नवीन पांडेय, शेखर सिंह और सलामत अंसारी ने कहा कि दो दिनों के भीतर पार्टी सदस्यों का नवीनीकरण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही बेंगाबाद और गांडेय के हर गांव में संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई। बैठक में यह भी स्वीकार किया गया कि संगठन जमीनी स्तर पर सक्रिय है, लेकिन सोशल मीडिया पर उतनी सक्रियता नहीं है। इसलिए आम जनता तक पहुंच बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग और प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि अब जमीनी संघर्ष के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मजबूती से उपस्थिति दर्ज करानी होगी। अंत में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन की प्राथमिकता जनता के मुद्दों पर खड़ा उतरना है और इसके लिए गांव-गांव में लगातार सक्रिय रहकर संघर्ष को तेज किया जाएगा।