गिरिडीह में उसरी नदी को लेकर आंदोलन की चेतावनी, राजेश सिन्हा ने उठाए कई सवाल।
SHIKHAR DARPANSunday, March 01, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह की जीवनदायिनी उसरी नदी को बचाने को लेकर चल रहे अभियान ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। उसरी बचाव अभियान के संयोजक राजेश सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा कि “जल, जमीन और जंगल बचाने का नारा ढोंग करने वालों के लिए नहीं है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो जनांदोलन किया जाएगा।राजेश सिन्हा ने कहा कि उसरी नदी के साथ सैकड़ों वर्षों से जुड़ी प्राकृतिक धरोहर को बीते वर्षों में बालू लूट, सुस्त अफसरशाही और निष्क्रिय नेतृत्व ने भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कभी साल भर स्वच्छ पानी और 20 फीट तक बालू से भरपूर रहने वाली उसरी आज संकट में है।
*मंत्री के वादों पर टिकी निगाहें:- उन्होंने बताया कि वर्तमान नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने उसरी नदी के विकास को लेकर कई सकारात्मक घोषणाएं की हैं। जनता अब इन वादों के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रही है। उसरी के किनारे 10 हजार पेड़ लगाने की योजना है, जिसमें इस वर्ष 4 हजार पौधे लगाए जाने हैं। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू हुई तो गिरिडीह के पर्यावरण के लिए यह बड़ी पहल साबित होगी।
*करोड़ों की राशि, फिर भी काम अधूरा:- अभियान की ओर से दावा किया गया है कि सीसीएल की ओर से उसरी नदी के विकास के लिए लगभग चार करोड़ रुपये दिए गए हैं। दो करोड़ रुपये पिछले दो वर्षों से जिला प्रशासन के पास लंबित बताए जा रहे हैं। इस पर सवाल उठाते हुए राजेश सिन्हा ने कहा कि आखिर काम शुरू क्यों नहीं हो रहा है? यदि जल्द कार्य आरंभ नहीं हुआ तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उसरी में छिलका डेम निर्माण की मांग पूर्व में सीसीएल के तत्कालीन जीएम बासब चटर्जी के समक्ष रखी गई थी। जानकारी के अनुसार शास्त्री नगर स्थित अमित बरदियार छठ घाट के पास पहला छिलका डेम बनाया जाना प्रस्तावित है, जबकि आगे दो-तीन और डेम बनाने की योजना है। साथ ही सिहोडीह पुल का शिलान्यास होने के बाद भी निर्माण कार्य ठप पड़ा है, जिसे लेकर भी आंदोलन की तैयारी की बात कही गई।
*प्रदूषण और अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की मांग:- राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि कुछ फैक्ट्रियां उसरी नदी को प्रदूषित कर रही हैं। साथ ही रात के समय मोटर लगाकर नदी से पानी खींचे जाने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि यदि इस पर रोक नहीं लगी तो संबंधित कार्यालयों के सामने आंदोलन किया जाएगा।इसके अलावा नदी किनारे अतिक्रमण की भी शिकायत की गई है। अभियान की ओर से इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर ठोस कार्रवाई की मांग की गई है। *दस वर्षों से जारी है अभियान:- गौरतलब है कि उसरी बचाव अभियान पिछले दस वर्षों से जागरूकता के रूप में चल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इसमें हजारों पर्यावरण प्रेमी जुड़ चुके हैं। अब यह अभियान न केवल गिरिडीह बल्कि पूरे राज्य में पहचान बना रहा है।अभियान के संयोजक ने दो टूक कहा कि यदि प्रशासन और सरकार ने समय रहते ठोस पहल नहीं की तो उसरी नदी को बचाने के लिए व्यापक जनांदोलन किया जाएगा।