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पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद द्वारा गिरिडीह जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को उनके उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग, बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने तथा आधुनिक मार्केटिंग माध्यमों के उपयोग के संबंध में जागरूक करना रहा। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, उप विकास आयुक्त, श्रीमती स्मृता कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती अंजना भारती सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में 120 से अधिक पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों एवं कारीगरों ने सहभागिता की। इस दौरान योजना के तहत आने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों एवं शिल्पकारों को अपने उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा व्यवसाय को नई दिशा देने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि पारंपरिक कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग और उचित मूल्य निर्धारण पर ध्यान देना आवश्यक है।

इसके माध्यम से उत्पादों को प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर पहचान दिलाई जा सकती है तथा बिक्री के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों द्वारा उत्पाद की कीमत निर्धारण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन बिक्री, डिजिटल मार्केटिंग, डिजाइनिंग एवं बिक्री रणनीति सहित आधुनिक व्यापार के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। लाभार्थियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के व्यावहारिक तरीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यशाला के दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उपलब्ध ऋण सुविधा, उद्यम पंजीकरण, योजना से मिलने वाले लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही झारखंड सरकार द्वारा कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए उपलब्ध सहायता योजनाओं के बारे में भी प्रतिभागियों को बताया गया। इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के कौशल को आर्थिक अवसरों में परिवर्तित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए उनके व्यवसाय को मजबूत करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने लाभार्थियों से ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के आधुनिक तरीकों को अपनाने तथा डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को और मजबूत किया जा सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं का प्रभावी लाभ मिले। कार्यक्रम के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में ब्लॉक ऑफिसर, जमुआ सुभाष कुमार ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद के अधिकारियों एवं कर्मियों ने कार्यशाला के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।



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