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बालमुकुंद फैक्ट्री के खिलाफ धरना 11 अक्टूबर तक स्थगित, 17 हटाए गए मजदूरों की वापसी पर होगी वार्ता।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ असंगठित मजदूर मोर्चा और माले की ओर से आयोजित धरना-प्रदर्शन प्रशासन के साथ वार्ता के बाद 11 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया। बुधवार को बालमुकुंद फैक्ट्री गेट पर मजदूरों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद अंचल अधिकारी, मुफ्फसिल थाना प्रभारी ज्ञान रंजन और कार्यपालक दंडाधिकारी विनोद सिंह ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। वार्ता में प्रशासन की ओर से 11 अक्टूबर तक समय देने की बात कही गई। बताया गया कि पूर्व में अनुमंडल पदाधिकारी की अगुवाई में 17 मजदूरों के मामले को लेकर जो जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी, उसी के आधार पर आगे वार्ता कर समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। माले नेता राजेश सिन्हा ने उपायुक्त रामनिवास यादव से भी फोन पर बात की। उपायुक्त ने जल्द समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही और बताया कि सीओ को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। आगामी 12 अक्टूबर को मुफ्फसिल थाना में पुनः वार्ता होगी।

आंदोलनकारियों की मुख्य मांग बालमुकुंद फैक्ट्री से हटाए गए 17 मजदूरों को दोबारा काम पर लेने की है। माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि मजदूरों के हक और अधिकार के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि मजदूरों के अधिकार के लिए वे किसी भी स्थिति का सामना करने को तैयार हैं। किसान नेता पूरन महतो ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के कारण मजदूरों और किसानों को परेशानी हो रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। वहीं मजदूर नेताओं कन्हाई पांडेय और मसुदन कोल ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह पांच बजे से फैक्ट्री गेट जाम किया गया था, लेकिन प्रशासन के आग्रह पर वार्ता के लिए समय दिया गया। धरना-प्रदर्शन में जिला कमेटी के किशोरी अग्रवाल, सलामत अंसारी, नागेंद्र महतो, अजीत राय, रामलाल मुर्मू समेत पवन यादव, गुलाब कोल, किशोर राय, हुबलाल राय, नवीन पांडेय, दिलचंद कोल, तुलसी तुरी, किशोरी राय, प्रसादी राय, राजन तुरी, अरविंद मुर्मू, सनातन साहू, मोलिया देवी और निमिया देवी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मजदूर मौजूद थे।

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