गिरिडीह कॉलेज में अभाविप का आंदोलन तेज, नीरज चौधरी और अनीश राय भूख हड़ताल पर बैठे।
SHIKHAR DARPANFriday, September 18, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का आंदोलन शुक्रवार को और तेज हो गया। 15 सितंबर से चल रहे धरना-प्रदर्शन के बाद जिला संयोजक नीरज चौधरी और एसएफएस सह-संयोजक अनीश राय भूख हड़ताल पर बैठ गए। अभाविप इससे पहले कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य, बर्सर एवं प्रोफेसर इनचार्ज के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि वित्तीय मामलों में अनियमितता, फर्जी हस्ताक्षर, सरकारी बैंक खाते से कथित अवैध निकासी तथा उपस्थिति से संबंधित गड़बड़ियों के साक्ष्य विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए गए हैं, लेकिन लंबे समय से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इससे पहले भी अभाविप ने विश्वविद्यालय से जांच और संबंधित पदाधिकारियों को पद से हटाने की मांग की थी। भूख हड़ताल पर बैठे जिला संयोजक नीरज चौधरी ने कहा कि करीब ढाई महीने से शिकायत के बावजूद विश्वविद्यालय स्तर पर जांच नहीं कराई गई।
आंदोलन के बाद जांच समिति गठित की गई है, लेकिन अभाविप इसे पर्याप्त नहीं मान रही है। उन्होंने मांग की कि निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल पदमुक्त किया जाए। वहीं अनीश राय ने आरोप लगाया कि कॉलेज में कथित अनियमितताओं का दायरा व्यापक है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की, तो अभाविप विश्वविद्यालय स्तर पर भी आंदोलन करेगी। संगठन ने आवश्यकता पड़ने पर जनहित याचिका के माध्यम से उच्च न्यायालय जाने की बात भी कही है। अभाविप के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के साथ-साथ कथित तौर पर उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग संगठन करता रहेगा। गौरतलब है कि 16 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, अभाविप ने 18 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।भूख हड़ताल के दौरान कॉलेज मंत्री कृष पासवान, कृष्णा दास, बिट्टू मोदी, अनिशा कुमारी, वर्षा कुमारी, शशि कुमारी सहित अभाविप के कई कार्यकर्ता और विद्यार्थी मौजूद रहे।