हस्तकरघा साड़ी निर्माण प्रशिक्षण से स्वावलंबी बनेंगी महिलाएं - डीपीएम//स्वावलंबी साड़ी संगम” परियोजना के तहत साड़ी निर्माण प्रशिक्षण का दूसरे बैच का शुभारंभ ।
SHIKHAR DARPANWednesday, September 30, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
नाबार्ड के सौजन्य से आइडिया - इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट, एम्पावरमेंट एंड अवेयरनेस, गिरिडीह के द्वारा गिरिडीह जिला अंतर्गत आकांक्षी प्रखंड जमुआ के ग्राम पंचायत बेरहाबाद के ग्राम बेरहाबाद में “स्वावलंबी साड़ी संगम” परियोजना के अंतर्गत हस्तकरघा साड़ी निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार 30 सितंबर 2026 को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्घाटन जेएसएलपीएस गिरिडीह के डीपीएम जेवियर एक्का, नाबार्ड के डीडीएम हरिहरन सीवी, जेएसएलपीएस बीपीएम जमुआ प्रमोद झा, और बेरहाबाद पंचायत की मुखिया सोनी देवी , आइडिया के प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर खुशी शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता खुर्शीद अनवर हादी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जेएसएलपीएस डीपीएम जेवियर एक्का ने महिला प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं पूरी लगन, मेहनत और समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें। प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों और कौशल का उपयोग भविष्य में स्वरोजगार एवं घर बैठे अपनी आमदनी बढ़ायें। उन्होंने कहा कि हर महिला सबसे पहले अपने लिए एक एक साड़ी बनाइए और उस साड़ी को पहनकर उसका मार्केटिंग कीजिए।
नाबार्ड गिरिडीह के डीडीएम हरिहरन सीवी ने कहा कि हस्तकरघा साड़ी निर्माण प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। जेएसएलपीएस जमुआ के बीपीएम ने कहा कि “स्वावलंबी साड़ी संगम” जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक कौशल से जोड़ते हुए उन्हें आजीविका के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया। मुखिया सोनी देवी ने कहा कि साड़ी निर्माण प्रशिक्षण से पंचायत की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होगी। उन्होंने महिलाओं को साड़ी निर्माण में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।परियोजना के तहत इस दूसरे बैच में भी 30 महिलाओं को 20 दिनों तक साड़ी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बिहार के भागलपुर से आए मास्टर ट्रेनर विश्वनाथ शाह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को साड़ी निर्माण से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद स्वयं साड़ी निर्माण कर आय का स्थायी साधन विकसित कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महिलाओं को प्रशिक्षण के प्रति गंभीरता बरतने, नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने तथा सीखे गए कौशल को व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को साड़ी निर्माण के कौशल से प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। आइडिया संस्था की खुशी शर्मा ने बताया गया कि “स्वावलंबी साड़ी संगम” परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, आजीविका संवर्धन एवं उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीआरपी हसीना खातून, मुंद्रिका देवी, कौशल्या देवी, सुनिता देवी, बबीता देवी, कलावती देवी, सुमित्रा देवी, हेमंती देवी, सोनी देवी, रिंकू देवी, लक्ष्मी देवी, अनिता देवी, जयंती देवी, रानी देवी, पिंकी देवी, गुड़िया देवी, रेखा देवी सहित कुल 30 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रही हैं।