एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में गिरिडीह में राजद का प्रदर्शन//बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उठाई झारखंड के अधिकारों और खनिज संपदा की रक्षा की मांग, राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन।
SHIKHAR DARPANThursday, September 24, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की गिरिडीह जिला कमेटी ने गुरुवार को जिला मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थकों ने हाथों में झंडे व तख्तियां लेकर झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष इरफान आलम ने किया। उन्होंने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज संपदा वाले राज्यों में शामिल है और यहां के खनिज संसाधन राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार तथा आम जनता के हितों से सीधे जुड़े हैं। ऐसे में खनिज संसाधनों से जुड़े बड़े फैसलों में झारखंड के हितों और राज्य के वैधानिक अधिकारों का संरक्षण जरूरी है।उन्होंने कहा कि राजद जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाता रहा है। खनिज संपदा का लाभ स्थानीय लोगों, मजदूरों, युवाओं और राज्य के विकास को मिलना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए है। धरना-प्रदर्शन के बाद राजद नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एमएमडीआर संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों को लेकर पार्टी की आपत्तियां दर्ज कराते हुए झारखंड के हितों और राज्य के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, प्रदेश सचिव हाजी अनामुल साहब, प्रदेश महासचिव शत्रुघन यादव, जिला उपाध्यक्ष बशीर शाह, जिला महासचिव बलदेव नायक, जिला सचिव वारिस, अल्पसंख्यक मोर्चा उपाध्यक्ष कामरान अंसारी, सहित विभिन्न प्रखंडों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी आगे भी झारखंड के अधिकार, खनिज संपदा, रोजगार और जनहित से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक मंचों पर मजबूती से उठाती रहेगी।