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5 लाख रुपये डिपॉजिट नियम का विरोध, छोटे कोचिंग संस्थानों को राहत देने की मांग।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता। 

शहर के झंडा मैदान में शुक्रवार को प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के संगठन एप्टा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अगुवाई संगठन के अधिकारी राजेश सिन्हा ने की। इस दौरान कोचिंग एक्ट 2025 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। राजेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड में कोचिंग संस्थानों के लिए 5 लाख रुपये डिपॉजिट का प्रावधान किया गया है, जो छोटे कोचिंग संस्थानों के लिए काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि कई कोचिंग संस्थानों में 100 से कम विद्यार्थी पढ़ते हैं और 500 रुपये से भी कम मासिक शुल्क लिया जाता है। ऐसे संस्थानों के लिए इतनी बड़ी राशि जमा करना आर्थिक रूप से बेहद कठिन होगा।

 उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रावधान से छोटे कोचिंग संस्थान हाशिये पर चले जाएंगे और बड़े संस्थानों को इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े नियमों का संगठन विरोध नहीं करता, लेकिन आर्थिक रूप से कठिन प्रावधानों पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 लाख रुपये के डिपॉजिट प्रावधान को समाप्त या कम करने की मांग को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन की ओर से झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को भी ज्ञापन देने की बात कही गई। सिन्हा ने कहा कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो पूरे झारखंड के कोचिंग संस्थान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। बैठक में संगठन के अधिकारी सूरज नयन और निशांत कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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