बसरू की 17वीं बरसी पर माले ने निकाला आक्रोश मार्च//जमुआ चौक पर नुक्कड़ सभा में नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप।
SHIKHAR DARPANTuesday, September 29, 2026
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जमुआ,शिखर दर्पण संवाददाता।
भाकपा माले के वरिष्ठ नेता स्व. कॉमरेड इब्नुल हसन बसरू की 17वीं बरसी पर मंगलवार को जमुआ स्थित पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत एक मिनट का मौन रखकर बसरू समेत पार्टी के शहीदों और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे को लेकर आक्रोश मार्च निकाला। मार्च पार्टी कार्यालय से निकलकर थाना मोड़ होते हुए जमुआ चौक पहुंचा, जहां नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। कार्यक्रम को लेकर 24 सितंबर को हुई पार्टी की बैठक में भी 29 सितंबर को श्रद्धांजलि कार्यक्रम और मार्च आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।
*लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला होने का लगाया आरोप* सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य विनोद सिंह ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पार्टी की आपत्तियां सामने रखीं और कहा कि जनता के मताधिकार से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने कहा कि भाकपा माले जमुआ और गिरिडीह समेत अन्य क्षेत्रों में भी जनमुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। गौरतलब है कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भाकपा माले पहले भी सार्वजनिक रूप से सवाल उठाती रही है और एसआईआर समेत मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों पर अपनी मांगें रखती रही है। कार्यक्रम में जिला सचिव अशोक पासवान, जिला परिषद सदस्य उस्मान अंसारी, मीना दास, विजय पांडेय, मनोवर हसन बंटी, रंजीत यादव, भागीरथ पंडित, अभिमन्यु राम, रीत लाल वर्मा, मुस्तकीम अंसारी, अशगर अली, भोला पासवान, रिझो महतो, अरुण वर्मा, रामकुमार वर्मा, राजेंद्र राम समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद थे।