भगत सिंह चौक पर धूमधाम से मनाई गई शहीद भगत सिंह की 119वीं जयंती, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन।
SHIKHAR DARPANMonday, September 28, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को भगत सिंह चौक में भाकपा माले, असंगठित मजदूर मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता पूरन महतो, असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता कन्हाई पांडेय एवं माले नेता राजेश सिन्हा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह की याद में दो मिनट का मौन रखकर एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और उनके विचारों को याद करते हुए जोरदार नारे लगाए गए। वक्ताओं ने युवाओं से भगत सिंह के विचारों को पढ़ने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि लोग भगत सिंह को जानते और मानते तो हैं, लेकिन उनकी राह पर चलने से भटक जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस भटकाव से बचने के लिए भगत सिंह के विचारों को पढ़ना और आत्ममंथन करना जरूरी है। असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि आज कुछ लोग भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ लेते हैं, लेकिन उनके विचारों और संघर्ष के रास्ते पर चलना नहीं चाहते।
उन्होंने कहा कि समाज और इलाके में शोषण तथा लूट के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता पूरन महतो ने कहा कि देश में बदलाव के लिए भगत सिंह के बताए रास्ते और विचारों से प्रेरणा लेनी होगी। उन्होंने युवाओं से आगे बढ़कर अपने क्षेत्र और समाज में बदलाव लाने की अपील की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये आरोप प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए हैं। कार्यक्रम में मसूदन कोल, किशोरी राय, इम्तियाज, चुन्नू तबारक, गुफरान, तुलसी तुरी, नवीन पांडेय, अरविंद टुडू, लखन कोल, दिलचंद कोल, परसादी राय, राजन पुरी, दीपक गोस्वामी, भीम कोल, धनेश्वर कोल, वीरू कोल, टैटू कोल, टूना कोल, लीला देवी, करमी देवी, दशमी देवी, अलिया देवी, जगिया देवी, पर्वतीय देवी, बुदनी देवी, सुनीता देवी, किशन कोल, नूतन दास सहित कई लोग मौजूद थे।