गिरिडीह कॉलेज में भ्रष्टाचार के आरोप, अभाविप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच की मांग उठाई।
SHIKHAR DARPANSunday, August 09, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू, जिला संयोजक नीरज चौधरी एवं SFS सह संयोजक अनीश राय ने रविवार को गिरिडीह कॉलेज में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉलेज प्रशासन पर गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि संगठन के पास आरोपों से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। अभाविप नेताओं ने प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.एन. सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिसंबर 2025 में वे 15 से 17 दिसंबर तक विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में आयोजित युवा महोत्सव में टीम मैनेजर के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्हें कॉलेज से ड्यूटी लीव और यात्रा भत्ता आदि मिला। अभाविप का दावा है कि इसी अवधि में उन्हें गिरिडीह कॉलेज में IGNOU परीक्षा की ड्यूटी करते हुए भी दिखाया गया और उसका भुगतान किया गया। संगठन ने इस मामले में फर्जी हस्ताक्षर एवं दो जगह उपस्थिति दिखाने का आरोप लगाया। नेताओं के अनुसार शिकायत के बाद जांच में मामला सामने आने पर संबंधित राशि IGNOU को वापस कर दी गई। अभाविप ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. एम.एन. सिंह करीब आठ-नौ वर्षों तक कॉलेज में बर्सर के पद पर रहे और इस दौरान परीक्षा ड्यूटी एवं अन्य भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में सहकर्मियों, मजिस्ट्रेट, स्वीपर और वाटरमैन के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर राशि की अनियमित निकासी की गई।
संगठन ने जूलॉजी के प्रोफेसर डॉ. प्रभास मणि पाठक से जुड़े परीक्षा ड्यूटी भुगतान में भी कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉलेज के एक संयुक्त बैंक खाते से 5 मार्च 2025 को करीब सवा लाख रुपये की निकासी का भी आरोप लगाया गया। अभाविप नेताओं ने कहा कि इस मामले में प्रोफेसर ओंकार चौधरी और प्रोफेसर बालेंदु शेखर त्रिपाठी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। संगठन ने दावा किया कि निकासी से संबंधित दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। इसके अलावा अभाविप ने कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की जांच कराने की मांग करते हुए कुछ शिक्षकों पर नियमित रूप से कॉलेज नहीं आने और लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोप लगाए। वहीं, डॉ. एम.एन. सिंह के एक रिश्तेदार को सुरक्षा प्रभारी बनाए जाने और उनके कथित रूप से नियमित रूप से कॉलेज नहीं आने के बावजूद वेतन भुगतान का भी आरोप लगाया गया। अभाविप नेताओं ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल कुछ प्रमुख मामलों को सामने रखा गया है। निष्पक्ष जांच होने पर पिछले कई वर्षों की अन्य वित्तीय अनियमितताओं का भी खुलासा हो सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय एवं संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि संगठन का उद्देश्य गिरिडीह कॉलेज को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।