नदी पर पुल नहीं, खाट पर मरीज को टांगकर अस्पताल ले जाने को मजबूर ग्रामीण; बरसात में बच्चों की पढ़ाई भी होती है बाधित।
SHIKHAR DARPANSunday, August 23, 2026
0
तिसरी,शिखर दर्पण संवाददाता।
तिसरी प्रखंड के गुमगी पंचायत अंतर्गत आदिवासी गांव बढ़नियाटांड़ आज भी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। गांव के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या नरैना नदी है। गांव से मुख्य मार्ग तिसरी-गावां रोड तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को इसी नदी को पार करना पड़ता है। नदी पर आज तक पुल का निर्माण नहीं होने के कारण गांव तक चारपहिया वाहन नहीं पहुंच पाता है। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है। मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट पर टांगकर नदी पार करानी पड़ती है। आपात स्थिति में यह समस्या मरीज की जान पर भी भारी पड़ सकती है। ताजा मामला शुक्रवार शाम का है। बढ़नियाटांड़ निवासी सँझली मरांडी, पति सँझला हंसदा, अचानक बेहोश हो गईं। इसके बाद स्थानीय ग्रामीण मुकेश हंसदा, रातों हंसदा, बबलू हंसदा, सुखु मरांडी और कानदान हंसदा ने उन्हें खाट पर टांगकर नरैना नदी पार कर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तिसरी ले जाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है।
जब भी गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है या कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, ग्रामीणों को इसी तरह मरीज को खाट पर टांगकर नदी पार करानी पड़ती है। गांव तक सड़क और नदी पर पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस समेत अन्य चारपहिया वाहन भी गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं। नरैना नदी केवल मरीजों के लिए ही परेशानी का कारण नहीं है। गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए भी नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में नदी में पानी बढ़ जाने और तेज बहाव के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चों की पढ़ाई तक बाधित हो जाती है। ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, थाना और प्रखंड कार्यालय जैसे जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए भी इसी नदी से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नदी में पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि नरैना नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए और गांव तक सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित न हो। बढ़नियाटांड़ के ग्रामीणों का सवाल है—आखिर कब तक मरीजों को खाट पर टांगकर नदी पार कर अस्पताल पहुंचाना पड़ेगा?मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि वहां पुल की आवश्यकता है,जिसके लिए सरकार और जनप्रतिनिधि सक्षम हैं। प्रखंड प्रशासन वहां और भी सुविधाएं और विकास कार्यों के लिए काम करेगी।