जेएसएससी-जेपीएससी सुधार मंच के छात्र नेता ने लगाया मारपीट और भीड़ द्वारा हत्या के प्रयास का आरोप।
SHIKHAR DARPANTuesday, August 25, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
21 अगस्त 2026 को गिरिडीह में हुई घटना को लेकर मंगलवार को होटल गैली में पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर जेएसएससी-जेपीएससी सुधार मंच से जुड़े मंटू मुर्मू ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की घोषणा के बाद कार्यक्रम के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उनके साथ मारपीट की और भीड़ द्वारा हत्या का प्रयास किया गया। मंटू मुर्मू ने बताया कि जेएसएससी-जेपीएससी सुधार मंच की ओर से झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में गिरिडीह में भी युवाओं ने 21 अगस्त की शाम छह बजे पुतला दहन करने का निर्णय लिया था। उनका आरोप है कि इसी दौरान टावर चौक पर केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा का कार्यक्रम चल रहा था। आरोप के अनुसार, वहां से करीब 200 से 250 कार्यकर्ता झंडा मैदान पहुंचे। मंटू मुर्मू ने दावा किया कि लखन राम, मोहम्मद असलम, सनी राईन, संजय सिंह, अजीत पप्पू, सुमित कुमार और मोहम्मद राजा समेत कुछ लोगों ने उन्हें कथित तौर पर भीड़ में खींच लिया।
इसके बाद भीड़ ने लाठी-डंडे और पत्थर से उन पर हमला किया। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद विद्यार्थियों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से बचाया। इसके बाद जब विद्यार्थी वहां से निकलने लगे तो अनीश राय, अक्षय यादव और अभिजीत सिन्हा समेत अन्य विद्यार्थियों पर भी जानलेवा हमला करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया। मंटू मुर्मू ने यह भी आरोप लगाया कि 23 अगस्त को झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से की गई पत्रकार वार्ता में उनके भाई को भाजपा का मोहरा बताते हुए परिवार से अलग होने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया गया। पत्रकार सम्मेलन के दौरान मंटू मुर्मू ने कहा कि पूरे मामले में 25 अगस्त को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाना में आवेदन देकर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी। हालांकि, पत्रकार सम्मेलन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।