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उपायुक्त रामनिवास यादव ने शिक्षा विभाग की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्याह्न भोजन योजना, जिला स्तरीय स्टीयरिंग समिति, समग्र शिक्षा अभियान तथा शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समावेशी वातावरण तथा सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने शिक्षकों एवं कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, ई-विद्यावाहिनी के माध्यम से उपस्थिति की नियमित निगरानी, विद्यालय प्रबंधन समिति को उपलब्ध कराई गई राशि के पारदर्शी एवं उद्देश्यपूर्ण उपयोग, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पुस्तकालय, विद्यालय भवन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का विस्तार से आकलन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों की सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना, मध्याह्न भोजन योजना, विद्यालयों में खाद्यान्न की समय पर उपलब्धता, पोषण वाटिका (किचन गार्डेन) की स्थापना, विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की व्यवस्था तथा अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने एवं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पात्र विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने विद्यालयों में बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति तथा सीखने के स्तर में सतत सुधार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर सभी सूचनाएं एवं आंकड़े शत-प्रतिशत सही एवं अद्यतन रूप से दर्ज किए जाएं। एमआईएस/एमआईसी समन्वयक को डेटा प्रविष्टि में शुद्धता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रखंड प्रसार शिक्षा पदाधिकारी, सभी बीपीओ, सीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। 

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