ब्रेकिंग न्यूज़:- इनामी नक्सली अजय महतो की पत्नी ने किया आत्मसमर्पण, पति की गिरफ्तारी के बाद मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला।
SHIKHAR DARPANTuesday, July 21, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह पुलिस और सुरक्षा बलों के लगातार अभियान के बीच गिरिडीह जिले में नक्सली संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। भाकपा माओवादी की एरिया कमेटी सदस्य अनिता किस्कू उर्फ बबिता उर्फ बबिता कुमारी उर्फ बबिता देवी उर्फ बबिता दी उर्फ बबिता महतो ने मंगलवार, को गिरिडीह पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। उसने पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी अभिनव आनंद और अपर पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। गिरिडीह पुलिस पुलिस अधीक्षक डॉ० विमल कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस के अनुसार अनिता किस्कू करीब 30 वर्ष की है और बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के दाढ़ी-जलगाटोली की रहने वाली है। वह भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमेटी सदस्य थी और उसका कार्यक्षेत्र पारसनाथ जोन, लुगुपहाड़ी, झुमरापहाड़ी और कोल्हान क्षेत्र तक फैला हुआ था। उसके पति अजय महतो उर्फ अजय जी उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ मोछ उर्फ श्रीकान्त उर्फ बासुदेव को पुलिस ने तीन दिन पूर्व गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अनिता वर्ष 2009 में नारी मुक्ति संघ की सदस्य दुला दी के साथ नाच-गान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकली थी।
इसी दौरान वह संगठन के लोगों के संपर्क में आई और जंगल में संतोष महतो सहित अन्य नक्सलियों से उसका संपर्क हुआ। धीरे-धीरे वह संगठन से जुड़ती चली गई। वर्ष 2014 तक वह संतोष महतो, भवन महतो और पतिराम महतो के संपर्क में रही। इसके बाद वह अजय महतो के साथ संगठन में सक्रिय हो गई। वर्ष 2017 में दोनों ने मधुबन के डेंगा पहाड़ी के जंगल में शादी कर ली। पुलिस के अनुसार, संगठन में रहते हुए दोनों अलग-अलग स्थानों से लूटे गए हथियार, गोलियां और विस्फोटकों को जंगलों में छिपाकर रखने तथा सुरक्षा बलों और आम लोगों को निशाना बनाने की गतिविधियों में शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, संगठन में रहते हुए अनिता को एरिया कमेटी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी के निर्देश पर वह संगठन के लिए खाना बनाने, सदस्यों के साथ काम करने और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बनाने जैसी गतिविधियों में शामिल रही। उसके खिलाफ गिरिडीह, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।आत्मसमर्पण करने वाली अनिता के खिलाफ मधुबन थाना, गुवा थाना, मुफस्सिल (चाईबासा) थाना, टोंटो थाना और टोकलो थाना समेत विभिन्न थानों में कुल 15 गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, सीएलए एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 में मधुबन थाना कांड संख्या 20/18, वर्ष 2017 में मधुबन थाना कांड संख्या 12/17, वर्ष 2025 में गुवा थाना कांड संख्या 11/2025, वर्ष 2023 में गुवा थाना कांड संख्या 10/2023, वर्ष 2020 में मुफस्सिल (चाईबासा) थाना कांड संख्या 88/2020 और 89/2020 सहित टोंटो और टोकलो थाना क्षेत्र में दर्ज कई मामलों में उसका नाम सामने आया है। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के साथ-साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, यूएपीए और अन्य विशेष कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है। *पति की गिरफ्तारी के बाद टूटा मनोबल:- पुलिस का कहना है कि भाकपा माओवादी के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान और उसके पति अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद अनिता का मनोबल कमजोर हुआ। संगठन के भीतर लगातार पुलिस कार्रवाई और शीर्ष कमांडरों द्वारा निचले स्तर के कैडरों के शोषण से भी वह परेशान थी। इसके बाद उसने नक्सली गतिविधियों को छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, अनिता ने अपने परिवार से विचार-विमर्श करने के बाद झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ‘नई दिशा—एक नई पहल’ से प्रभावित होकर स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। पुलिस ने उसे भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण के बाद उसके साथ किसी भी तरह का प्रताड़ना या परेशानी नहीं की जाएगी और सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उसे सभी जरूरी लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
*गिरिडीह पुलिस के अभियान का असर:- गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ० विमल कुमार के अनुसार, जिले में नक्सली गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और पारसनाथ जोन समेत विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस के लगातार अभियान और आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप गिरिडीह जिला नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली राम दयाल महतो, वर्ष 2025-26 में शिवलाल हेम्ब्रम और उनकी पत्नी सरिता हांसदा ने भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। वहीं, अनिता के पति अजय महतो को भी कुछ दिन पूर्व गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरिडीह पुलिस ने सभी नक्सली संगठनों के सदस्यों से अपील की है कि वे हिंसा और नक्सली गतिविधियों को छोड़कर प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करें। पुलिस ने कहा कि राज्य सरकार की ‘नई दिशा—एक नई पहल’ आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास और सरकारी सहायता का लाभ दिया जाएगा, ताकि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य पारिवारिक जीवन जी सकें। पुलिस का मानना है कि अनिता किस्कू के आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन के अन्य सदस्यों को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी और पारसनाथ, बोकारो, कोल्हान एवं आसपास के क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों पर और प्रभावी अंकुश लगेगा।