बिरनी,शिखर दर्पण संवाददाता।
बिरनी प्रखंड के घुजी गांव में शनिवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गांव के आसपास खेतों में लगी फसलों को रौंद डाला, जिससे दर्जनाधिक किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। वहीं हाथियों ने गांव निवासी बीपीन गुप्ता के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण पूरी रात जागकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे।ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड देर रात जंगल की ओर से गांव में पहुंचा। सबसे पहले झुंड ने खेतों में लगी धान, मक्का एवं अन्य फसलों को रौंद दिया। किसानों ने बताया कि फसल कटाई से पहले ही इस तरह की घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई किसानों की एक एकड़ से अधिक भूमि पर लगी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है।फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का झुंड गांव के भीतर घुस गया।
इस दौरान बीपीन गुप्ता के घर को हाथियों ने अपनी चपेट में ले लिया। घर की दीवारें और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। घर में रखा कुछ सामान भी टूट-फूट गया। परिवार के सदस्य किसी तरह घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।हाथियों के गांव में प्रवेश की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने मशाल, टॉर्च, ढोल और पटाखों की मदद से काफी मशक्कत के बाद हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही बढ़ रही है, जिससे जान-माल और फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।घटना की जानकारी मिलने पर बिरनी प्रमुख रामू बैठा सोमवार को घुजी गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया तथा बीपीन गुप्ता के घर का निरीक्षण किया। प्रमुख ने कहा कि हाथियों के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी और प्रभावित किसानों को सरकारी प्रावधान के तहत शीघ्र मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।प्रमुख रामू बैठा ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से हाथियों के बढ़ते आतंक पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी रखे तथा हाथियों की गतिविधियों की सूचना समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके नुकसान की भरपाई के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अविलंब क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने तथा हाथियों के आतंक से स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष हाथियों के कारण फसल और संपत्ति का नुकसान होता है, लेकिन समय पर राहत नहीं मिलने से किसानों की परेशानी और बढ़ जाती है।