उसरी फॉल बचाने को ग्रामीणों का पैदल मार्च, पाइपलाइन योजना के खिलाफ आंदोलन तेज।
SHIKHAR DARPANSunday, July 12, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
उसरी नदी से पाइपलाइन के माध्यम से बालमुकुंद फैक्ट्री तक पानी ले जाने की कथित योजना के विरोध में रविवार को गंगापुर गांव से चतरो मोड़ तक सैकड़ों ग्रामीणों ने पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान "उसरी बचाओ अभियान" के बैनर तले भाकपा माले, असंगठित मजदूर मोर्चा, झामस, अखिल भारतीय किसान महासभा और "एक आवाज प्रदूषण के खिलाफ" संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने उसरी नदी और उसरी फॉल को बचाने के समर्थन में नारे लगाए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि उसरी नदी और उसरी फॉल के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उनका आरोप है कि गंगापुर से चतरो स्थित बालमुकुंद फैक्ट्री तक सड़क किनारे पाइपलाइन बिछाकर नदी का पानी फैक्ट्री तक ले जाने की तैयारी की जा रही है, जिसका ग्रामीण पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि योजना वापस नहीं ली गई तो जिला प्रशासन, वन विभाग, डीवीसी, पथ निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "उसरी फॉल को बर्बाद होने नहीं देंगे, इसके लिए आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी।" असंगठित मजदूर मोर्चा के वरिष्ठ नेता कन्हाई पांडेय ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने गंगापुर गांव के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक वादे पूरे नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को डर और दबाव में रखकर पाइपलाइन बिछाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका गांव के लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "उसरी नदी का पानी फैक्ट्री में पाइप के जरिए ले जाने की योजना का ग्रामीण लगातार विरोध करेंगे।" सामाजिक कार्यकर्ता शुभांकर कुमार और विजय विशाल ने कहा कि उनकी संस्था भी इस योजना का शुरू से विरोध करती रही है और आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। वहीं महिला नेत्री पूजा मुर्मू, अरविंद टुडू, सुनील ठाकुर, दीपक गोस्वामी एवं अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि पाइपलाइन का कार्य नहीं रोका गया तो थाना और प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष भी आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने "पानी चोर सावधान", "उसरी फॉल को खतरा है", "प्रकृति बचाओ", "इंकलाब जिंदाबाद" सहित कई नारे लगाए। आंदोलनकारियों ने कहा कि जल्द ही इस मामले को डीएफओ, डीवीसी, गिरिडीह उपायुक्त, पर्यटन मंत्री, मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के संज्ञान में भी लाया जाएगा। प्रदर्शन में शिकू मरांडी, प्रकाश टुडू, अरुण साव, बबलू चंद्रवंशी, आजाद, आलम, प्रदीप राय, अनुज राय, अजय तुरी, सविनाथ राय समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे। गौरतलब है कि आंदोलनकारियों का दावा है कि एक दिन पूर्व वन विभाग, जिला प्रशासन और डीवीसी के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया था। हालांकि, इस पूरे मामले में फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित विभागों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है।