डॉक्टर बनने का सपना या सॉल्वर गैंग का जाल।बिरनीं के पूर्व टॉपर छात्रा के गिरफ्तारी से उठे सवाल।
SHIKHAR DARPANTuesday, June 23, 2026
0
बिरनी,शिखर दर्पण संवाददाता।
झारखंड इंटरमीडिएट विज्ञान परीक्षा की पूर्व टॉपर एवं बिरनी प्रखंड के बरमसिया गांव की रहने वाली पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय स्थित एक परीक्षा केंद्र से कथित रूप से दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) देते हुए गिरफ्तार किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने शिक्षा जगत के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। लखीसराय पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि की है।पुलिस के अनुसार, परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान तथा दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी सामने आने पर परीक्षा केंद्र के अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद छात्रा से पूछताछ की गई। पूछताछ में मामला संदिग्ध पाए जाने पर उसे हिरासत में लेकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस का आरोप है कि वह किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंची थी।प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के लिए कथित रूप से लगभग 30 लाख रुपये का सौदा तय किया गया था।
हालांकि इस लेन-देन और पूरे गिरोह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।जानकारी के अनुसार, पूनम कुमारी वर्ष 2022 में झारखंड इंटरमीडिएट विज्ञान परीक्षा की टॉपर रही थी। वर्तमान में वह काशी हिंदू विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक (नर्सिंग) की पढ़ाई कर रही है। बताया जाता है कि चिकित्सक बनने का सपना पूरा करने के लिए वह नर्सिंग की पढ़ाई के साथ-साथ दोबारा नीट परीक्षा की तैयारी भी कर रही थी।सोमवार की शाम काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रावास की अधीक्षिका ने दूरभाष के माध्यम से पूनम के माता-पिता को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों का कहना है कि पूनम शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही है और चिकित्सक बनने का सपना देखती थी। उसका नाम इस मामले में सामने आने से पूरा परिवार स्तब्ध है।
परिवार का कहना है कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी।उधर, लखीसराय पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित सॉल्वर गिरोह सक्रिय है या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही, संपर्क कैसे स्थापित हुआ और कथित सौदे में कौन-कौन शामिल था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के सामने आने के बाद बिरनी सहित पूरे गिरिडीह जिले में चर्चा का माहौल है। एक मेधावी छात्रा का नाम इस तरह के गंभीर मामले में सामने आने से लोग हैरान हैं। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।