आदिम जनजाति के पूर्वजों के खेतों को फॉरेस्ट ने ट्रेंच मारकर घेरा, खेती-बारी को लेकर चिंता में पड़े गरीब।
SHIKHAR DARPANSaturday, June 27, 2026
0
गांडेय,शिखर दर्पण संवाददाता।
ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक ने गांडेय प्रखंड के कुछ इलाकों में आदिवासियों तथा आदिम जनजातियों के पुरखों के जमाने के वन भूमि में पड़ने वाले उनके खेतों को वन विभाग द्वारा ट्रेंच मार कर अपने अधीन कर लिए जाने की कार्रवाई को गरीब विरोधी बताते हुए तत्काल इसे मुक्त करने की मांग की है। इस बाबत पार्टी नेता एवं पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव ने गांडेय प्रखंड के बरमसिया- 1 पंचायत अंतर्गत रसिकाबदार गांव का दौरा कर वहां निवास करने वाली आदिम पुजहर जनजाति के लोगों से मुलाकात की और उनकी इस समस्या का संज्ञान लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ फॉरेस्ट द्वारा काटे गए ट्रेंच तथा उसके अधीन उनके पुराने खेतों को भी देखा, जिसमें अब वे खेती करने को लेकर आशंकित हैं। इस दौरान यह भी देखा कि, बाहर-बाहर ट्रेंच कटिंग के अलावा कई खेतों में भी पिट की खुदाई कर दी गई है। कहा कि, वनाश्रित आदिवासियों, आदिम जनजातियों, या अन्य गरीबों को भी वन भूमि का पट्टा नहीं दिया जाना सरकार के नाकामी है।
आगे इस तरह की कार्रवाई से साफ है कि, सरकार वनाश्रितों को उनके हक से वंचित करना चाहती है। श्री यादव ने उनकी दूसरी समस्याओं का भी जायजा लेते हुए कहा कि, गांव में घर-घर नल-जल का कनेक्शन दिया गया, लेकिन साल भर पहले बनाई गई टंकी से किसी को कभी पानी नहीं मिला। गरीब परिवारों के राशन कार्ड तो हैं, लेकिन उन्हें दूर के गांव से राशन लाना पड़ता है तथा अधिकांश राशन कार्ड धारी परिवार के कई सदस्यों के नाम उसमें छूटे हुए हैं, जो शामिल नहीं हो रहे। फ़ाब्ला नेता ने कहा कि, इतनी गंभीर समस्याओं के बावजूद इनका वोट लेने वालों ने इनसे मुंह फेर लिया है। अब इनके सामने संघर्ष के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं। उन्होंने लोगों से संगठित होकर फारवर्ड ब्लाक के झंडे तले संघर्ष का आह्वान किया। लोगों से 30 जून, हूल दिवस के दिन जनता के हक अधिकारों को लेकर आहूत पार्टी के गांडेय प्रखंड सम्मेलन में भाग लेने की भी अपील की। इस दौरान पार्टी के स्थानीय प्रभारी राजू पासवान सहित स्थानीय झरी भोगता, राजकुमार भोगता, सोमर भोगता, रामदेव कु भोगता, टिंकू भोगता, गुड़िया देवी, रीता देवी, कुलिया देवी, गुमरी देवी एवं अन्य महिला पुरुष मौजूद थे।