गिरिडीह में औद्योगिक प्रदूषण, मजदूर छंटनी और रोजगार को लेकर वामपंथी संगठनों का प्रदर्शन, डीसी को सौंपा ज्ञापन।
SHIKHAR DARPANTuesday, June 16, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
गिरिडीह औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, मजदूरों की छंटनी और किसानों की समस्याओं को लेकर भाकपा माले, असंगठित मजदूर मोर्चा तथा अखिल भारतीय किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को उपायुक्त को स्मार-पत्र सौंपा गया। संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार देने, बालमुकुंद फैक्ट्री से निकाले गए 17 मजदूरों की बहाली, प्रदूषण से प्रभावित किसानों को मुआवजा, तथा सीएसआर फंड के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उपायुक्त ने मामले को गंभीर बताते हुए सीओ, एसडीएम और एसडीपीओ की संयुक्त जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने कहा कि जांच टीम जल्द ही प्रभावित मजदूरों और शिकायतकर्ताओं से मिलकर रिपोर्ट तैयार करेगी। सभा को संबोधित करते हुए विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि बिना ठोस कारण के 17 स्थानीय मजदूरों को नौकरी से निकालना अन्यायपूर्ण है और उनकी अविलंब बहाली होनी चाहिए।
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन ने पूर्व में आंदोलन स्थगित कराने के दौरान जो आश्वासन दिया था, अब उसे पूरा करने का समय आ गया है। पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और फ्लाई ऐश से किसानों की फसलें बर्बाद होने का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कार्रवाई की मांग की। वहीं असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव निताई महतो ने प्रभावित गांवों में सीएसआर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा भूमिहीनों को वन पट्टा देने की मांग उठाई। जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि भाकपा माले मजदूरों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। असंगठित मजदूर मोर्चा के जिला सचिव कन्हाई पांडेय ने मजदूरों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रमेश्वर महतो, मुन्ना राणा, सीताराम सिंह, जयंती चौधरी, पवन महतो, सरिता महतो, सलामत अंसारी, उसमान अंसारी, कौशल्या दास, भोला मंडल, लालमुनी यादव, सकलदेव यादव, जयनारायण यादव समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित थे। संगठनों ने कहा कि जांच कमेटी के गठन का स्वागत है, लेकिन यदि मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता और संगठन मिलकर फिर से बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे।