भ्रष्टाचार और 66 लाख रुपये गबन मामले में कार्रवाई की मांग, दसवें दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना।विधायक नागेंद्र महतों ओर सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद का वार्ता रहा विफल।
SHIKHAR DARPANThursday, June 11, 2026
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बिरनी,शिखर दर्पण संवाददाता।
बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, फर्जी नियुक्तियों तथा 66 लाख रुपये के गबन के आरोपों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दसवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने भाग लिया तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। धरनार्थियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के विरोध में क्षेत्र के लोग अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और आम जनता को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। धरने को समाप्त कराने के उद्देश्य से गुरुवार को बगोदर विधायक नागेंद्र महतों तथा सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद धरना स्थल पहुंचे। दोनों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना और मामले के समाधान का भरोसा दिलाने का प्रयास किया।
इस दौरान काफी देर तक वार्ता चली, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका।धरनार्थियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल मौखिक आश्वासन से वे संतुष्ट नहीं होंगे। उनका कहना था कि जब तक कथित गबन, फर्जी नियुक्ति और अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती तथा प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लड़ी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे की रणनीति बनाई जाएगी।धरना स्थल पर पूरे दिन आंदोलनकारियों की मौजूदगी बनी रही। लोगों ने प्रशासन से मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को दंडित करने की मांग की। वहीं, क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।