खुखरा थाना क्षेत्र में मवेशी चोरी के आरोपियों पर ग्रामीणों का शिकंजा, 16 घंटे बाद सुलह के बाद पुलिस को सौंपा।
SHIKHAR DARPANSunday, May 03, 2026
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पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता।
खुखरा थाना क्षेत्र के तुईयो पंचायत अंतर्गत घाटाडीह गांव में शनिवार रात्रि को मवेशी चोरी के आरोप में पकड़े गए चार आरोपियों को ग्रामीणों ने करीब 16 घंटे तक अपने कब्जे में रखा। लंबी बातचीत, पंचायत और सुलह प्रक्रिया के बाद रविवार को आरोपियों को पुलिस के हवाले किया गया। इस दौरान स्थिति को संभालने के लिए चार थानों की पुलिस और गिरिडीह से अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। बताया जाता है कि पीरटांड़ प्रखंड में इन दिनों गौवंश चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। इसी बीच शनिवार रात घाटाडीह में एक संथाली परिवार के घर के बाहर चार संदिग्ध लोगों को मवेशियों के पास घूमते देखा गया। जैसे ही घरवालों को भनक लगी, उन्होंने टॉर्च जलाकर पूछताछ की। आरोपियों ने खुद को पशु खरीददार बताया, लेकिन उनकी गतिविधि संदिग्ध लगने पर आसपास के लोग जुट गए और चारों को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों में सोबरनपुर (दत्तेलावा) निवासी मोहम्मद अब्दुला और तनवीर अंसारी, तथा तोपचांची के लेड़ा टांड़ निवासी गुलाम ख्वाजा और मोहम्मद रफीक शामिल हैं। ग्रामीणों ने रात भर चारों से पूछताछ की और मामले की जानकारी तेजी से आसपास के गांवों में फैल गई। रविवार सुबह घाटाडीह में एक विशाल पंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुटे। कई लोगों ने अपने मवेशियों की पूर्व में हुई चोरी की घटनाएं भी साझा कीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद, बीडीओ मनोज कुमार मरांडी, सीओ ऋषिकेश मरांडी, मधुबन थाना प्रभारी दीपेश कुमार, खुखरा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह सहित कई अधिकारी व पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
हालांकि शुरुआती दौर में ग्रामीणों ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने नहीं दिया। काफी समझाइश और बातचीत के बाद सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में साढ़े छह लाख रुपये का सुलहनामा कराया गया। समझौते के तहत आरोपियों ने क्षेत्र में हुई मवेशी चोरी के नुकसान की भरपाई करने की बात स्वीकार की। इसके बाद ही ग्रामीणों ने चारों आरोपियों को पुलिस के हवाले किया। फिलहाल सभी आरोपी खुखरा थाना पुलिस की हिरासत में हैं। एसडीपीओ सुमित प्रसाद ने बताया कि आरोपियों द्वारा चोरी का प्रयास किया गया था, हालांकि इनके खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में फिलहाल उन्हें जेल नहीं भेजा जा रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।