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भगवान का नहीं, भक्ति का अतिशय होता है : मुनि प्रमाणसागर//विशुद्ध भाव से किया गया पंचकल्याणक देता है विशेष ऊर्जा।

गिरीडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

गुणायतन में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन गर्भातरण के मंगल अवसर पर मुनि प्रमाणसागर जी महाराज ने प्रातःकालीन धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान में नहीं, बल्कि भक्तों की भक्ति में अतिशय होता है। तीर्थंकर वीतरागी होते हैं, वे किसी को कुछ देते या लेते नहीं हैं। अतिशय हमारी भक्ति, भावों और विशुद्धि में निहित होता है। उन्होंने कहा कि जितनी विशुद्धि के साथ भगवान की भक्ति की जाएगी,उतना ही अधिक आनंद और ऊर्जा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में अनुभव होगी। क्रिया तो एक ही होती है—अभिषेक, पूजन और शांतिधारा—लेकिन भावों का अंतर ही भक्ति का प्रभाव तय करता है। कोई व्यक्ति औपचारिकता से पूजा करता है, जबकि दूसरा प्रभु भक्ति में तन्मय होकर करता है। मुनि श्री ने कहा, “भगवान को नहीं, अपने भावों को देखो। मूर्ति पाषाण की है, पर भाव चेतन हैं। जब भाव विशुद्ध होते हैं, तो पाषाण में भी परमात्मा के दर्शन होने लगते हैं। यही भक्ति का वास्तविक अतिशय है।” इस अवसर पर मुनि संधान सागर महाराज, मुनि सार सागर, मुनि समादर सागर, मुनि रूप सागर सहित संपूर्ण संघ उपस्थित रहा।

मध्यभारत गुणायतन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि रविवार को शंका समाधान के बाद पंचकल्याणक के प्रमुख पात्रों का चयन प्रतिष्ठाचार्य अशोक भैया लिधोरा एवं अभय भैया आदित्य द्वारा किया गया। सभी पात्र सिंगापुर एवं मलेशिया से आए धर्मश्रद्धालुओं में से चुने गए। भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य प्रमोद-रेखा जैन को मिला, जबकि सौधर्म इंद्र की भूमिका में प्रशांत-शिल्पा जैन रहेंगे। कुबेर के रूप में निलेश-मधु जैन, महायज्ञानायक के रूप में आलोक-अनीता जैन, यज्ञनायक प्रथम निलेश-तरू जैन तथा यज्ञनायक द्वितीय सिद्धार्थ-नेहा जैन अपनी भूमिका निभाएंगे। भरत चक्रवर्ती के रूप में विजय-सीमा पटौदी, बाहुबली के रूप में परेश-अलका जैन, राजा श्रेयांश विवेक जैन तथा राजा सोम अचिंत्य वैभव-हनी जैन रहेंगे। ध्वजारोहण ब्रह्मचारी के.सी. जैन पुष्पा एवं निखिलेश जैन द्वारा किया जाएगा।

इसी प्रकार विभिन्न इंद्र पदों पर मनीष-आशी जैन ईशान, अमित-नम्रता जैन सानत्कुमार, अमित-खुशबू जैन माहेंद्र, पियूष-ग़ज़ल जैन ब्रह्म, जितेंद्र-नीना जैन ब्राह्मत्तर, अमित-आस्था जैन लान्तव, कपिल-प्रियम जैन कापिष्ट, अनुपम-अनामिका जैन शुक्र, शुभम-गरिमा जैन महाशुक्र, पुनीत-प्रियंका जैन शतार, राहुल-प्रज्ञा जैन सहस्रार, नितिन-शिखा जैन आनत, नलिन-निधि जैन प्राणत, अंकेश-निमिषा जैन आरण तथा योगेश-महिमा जैन अच्युत इंद्र अपनी-अपनी भूमिका निभाएंगे। ये सभी पात्र पंचकल्याणक महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों में निर्धारित अनुसार सहभागिता करेंगे। सिंगापुर के 250 और मलेशिया के 35 परिवारों की भक्ति का यह आयोजन ऐतिहासिक दस्तावेज बनेगा। 28 अप्रैल को गर्भकल्याणक उत्तरार्ध में अष्टकुमारी एवं 56 देवियों द्वारा माता की सेवा तथा माता के 16 स्वप्नों का फलादेश बताया जाएगा।

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