उसरी नदी के पानी के बाजारीकरण के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, आंदोलन की चेतावनी।
SHIKHAR DARPANWednesday, April 01, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
उसरी नदी के पानी को फैक्ट्री द्वारा पाइपलाइन के जरिए उपयोग करने के प्रस्ताव के खिलाफ स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। माले नेता सह उसरी बचाव अभियान के संयोजक राजेश सिन्हा ने कहा कि किसी भी कीमत पर उसरी नदी के पानी का बाजारीकरण नहीं होने दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि उसरी नदी न केवल क्षेत्र की जीवनदायिनी है, बल्कि उसी से उसरी वॉटरफॉल भी संचालित होता है। यदि फैक्ट्री द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से पानी उठाया गया तो इससे नदी और वॉटरफॉल दोनों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा।सामाजिक कार्यकर्ता विजय विशाल राय और शुभांकर कुमार ने आरोप लगाया कि बालमुकुंद फैक्ट्री और उससे जुड़ी बाला जी फैक्ट्री पहले से ही नदी से पानी का दोहन कर रही हैं।
रात के समय मोटर के जरिए पानी निकालकर टैंकरों से सप्लाई किया जाता है, जिसकी शिकायत पूर्व में जिला प्रशासन से की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले विरोध करने पर कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया था, बावजूद इसके वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे अपने जलस्रोत और पर्यावरण की रक्षा के लिए आवाज नहीं उठाएंगे, तो क्षेत्र में जीवन मुश्किल हो जाएगा। असंगठित मजदूर मोर्चा और माले के प्रखंड नेताओं किशोर राय और मसूदन कोल ने भी फैक्ट्री पर पर्यावरण और भूजल स्तर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाके में पहले ही पानी की किल्लत है और उसरी नदी ही एकमात्र बचा हुआ जलस्रोत है।
*ज्ञापन सौंपा, काम रोकने की मांग:- गादी श्रीरामपुर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, स्थानीय युवाओं और संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पाइपलाइन बिछाने के कार्य को तत्काल रोकने की मांग की है। *ग्रामीणों की मांग:- ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि उसरी नदी के पानी का उपयोग उद्योगों के बजाय क्षेत्र के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने में किया जाए। मौके पर आजाद आलम, शिंकु मरांडी, विजय विशाल राय, शुभांकर कुमार, धनेश्वर राय, अजय तूरी, अजय टुडू, बुंदीलाल टुडू, प्रकाश टुडू, प्रमोद रवानी सहित कई लोग मौजूद थे। यह मामला क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के उपयोग को लेकर गंभीर बहस का विषय बनता जा रहा है।