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गुणायतन में बन रही अकृतिम जिनालय, समवसरण व सुमेरु वंदना की अद्भुत संरचना, जल्द होंगे दर्शन।

पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।

जैन संत मुनि प्रमाण सागर महाराज की प्रेरणा से गुणायतन तीर्थ में अकृतिम जिनालय, समवसरण और सुमेरु वंदना की भव्य आध्यात्मिक संरचनाओं का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। शीघ्र ही श्रद्धालुओं को इन दिव्य स्थलों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यह जानकारी गुणायतन मध्यभारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने दी। गुणायतन परिसर में सिंगापुर एवं मलेशिया से श्रावक-श्राविकाओं का आगमन शुरू हो गया है। उन्होंने यहां पहुंचकर शांतिधारा कर पुण्यार्जन किया। बताया गया कि सिंगापुर में निर्मित भव्य जैन मंदिर में 24 तीर्थंकरों सहित अन्य प्रतिमाएं विराजमान होंगी, जिनका पंचकल्याणक महोत्सव 27 अप्रैल से 2 मई तक आयोजित होगा। प्रतिदिन प्रातः 5:30 बजे से मांगलिक क्रियाएं शुरू होंगी, जिसमें गर्भ, जन्म, तप, केवलज्ञान और मोक्ष तक की सभी विधियों का सजीव दर्शन कराया जाएगा। कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी अशोक भैया एवं अभय भैया आदित्य के निर्देशन में सम्पन्न होगा।

सांयकालीन शंकासमाधान में मुनि ने बताया कि “अनुभव केंद्र” में विशेष राइड के माध्यम से श्रद्धालुओं को समवसरण का साक्षात अनुभव कराया जाएगा। यहां सुमेरु पर्वत की वंदना और अकृतिम जिनालय के दर्शन से आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होगी। उन्होंने इसे शास्त्रों में वर्णित स्वरूप को धरती पर उतारने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया और स्वयं भी यहां सामायिक करने के अनुभव साझा किए।संस्कार और शिक्षा पर बोलते हुए मुनि ने कहा कि बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा के साथ उनकी संगति पर ध्यान देना आवश्यक है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि “रास्ता मत बदलो, तरीका सुधारो, गति बढ़ाओ और अभ्यास करो — सफलता निश्चित मिलेगी।” उन्होंने असफलता को अनुभव मानकर आगे बढ़ने और सफलता में विनम्रता तथा विफलता में धैर्य रखने की सीख दी।

समर्पण की व्याख्या करते हुए मुनि ने कहा कि सच्चा समर्पण स्वयं को पूर्णतः गुरु के प्रति अर्पित कर देना है। उन्होंने समर्पण के चार स्तर बताए— निर्णय शक्ति, इच्छा शक्ति, बुद्धि और अहंकार का समर्पण। इस अवसर पर मुनि श्री संधान सागर महाराज, मुनि श्री सार सागर, मुनि श्री समादर सागर एवं मुनि श्री रूप सागर मंचासीन रहे। वहीं ज्योति सिंह मथारु ने मुनि श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान गुणायतन के सीईओ सुभाष जैन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र छावड़ा, कोषाध्यक्ष असित बैनाड़ा, मंत्री सुनील जैन एवं निर्मल जैन ने अतिथियों का अंगवस्त्र, तिलक और माला पहनाकर सम्मान किया।

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