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अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत समाहरणालय परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन।गिरिडीह संवाददाता।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता। 

अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर आज समाहरणालय परिसर में पूर्वाह्न 11:30 बजे से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की तैयारियों का आकलन करना तथा अधिकारियों एवं कर्मियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था। मौके पर उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता बिजय सिंह बीरूआ, डीआरडीए निदेशक रंथू महतों, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जिला भू अर्जन पदाधिकारी नीतू कुमारी, समेत समाहरणालय के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्वयं मॉक ड्रिल में भाग लेते हुए पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और विभिन्न चरणों का अवलोकन किया। उन्होंने अग्निशमन दल द्वारा प्रदर्शित त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और तकनीकी दक्षता की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल से न केवल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैयारियों का मूल्यांकन होता है।

बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को कम करने में भी सहायता मिलती है। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक अग्निकांड की स्थिति उत्पन्न की गई। मॉक ड्रिल के दौरान समाहरणालय पोर्टिको के पास एक बड़े ट्रे में पेट्रोल डालकर नियंत्रित तरीके से आग लगाई गई, जिसके माध्यम से आग लगने की स्थिति का वास्तविक प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपायुक्त और अग्निशमन दल ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर निर्धारित मानकों के अनुरूप आग बुझाने की पूरी प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया। अग्निशमन यंत्रों के उपयोग से आग पर शीघ्र काबू पाने का अभ्यास कराया गया। इस दौरान आग पर नियंत्रण पाने की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें फायर एक्सटिंग्विशर का सही उपयोग, पानी एवं अन्य अग्निशमन उपकरणों के माध्यम से आग बुझाने के तरीके शामिल थे। उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की नियमित जांच सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि आग से बचाव के लिए पूर्व तैयारी ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कार्यालय में आपातकालीन निकासी योजना (इमरजेंसी एग्जिट प्लान) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए, ताकि संकट की स्थिति में सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इसके अलावा अग्निशमन पदाधिकारी रवि रंजन सिंह ने सभी से अपील किया कि वे अपने घरों एवं कार्यस्थलों पर अग्नि सुरक्षा के उपायों को अपनाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। उन्होंने यह भी बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां, जैसे गैस सिलेंडर का सही उपयोग, विद्युत तारों की नियमित जांच और ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखना, बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है तथा आमजन की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

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