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समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं स्व-गणना को लेकर मीडिया ब्रीफिंग का आयोजन।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आज भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं स्व-गणना (Self Enumeration) को लेकर एक महत्वपूर्ण मीडिया ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जुड़कर जनगणना से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश एवं महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वहीं, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को विस्तृत रूप से पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। मौके पर अपर समाहर्ता बिजय सिंह बीरूआ, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार दुबे, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती समेत प्रिंट व इलेट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।  उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण दिनांक 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस कार्य हेतु 802 पर्यवेक्षक एवं 4699 प्रगणकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिसमें मकानों की सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु जिले में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक एवं प्रगणकों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि प्रत्येक घर तक सही एवं सटीक जानकारी का संकलन सुनिश्चित हो सके।

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने बताया कि गिरिडीह जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 16 चार्ज बनाए गए हैं। जिसमें 13 ग्रामीण एवं 03 नगरीय (नगर निगम गिरिडीह, बड़की सरैया नगर पंचायत तथा धनवार नगर पंचायत) है। प्रत्येक चार्ज के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए पहली बार आम नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि नागरिक स्वयं विशेष पोर्टल (www.se.census.gov.in) के माध्यम से दिनांक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक अपनी जनगणना की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को पोर्टल पर अपना SE ID बनाकर OTP के माध्यम से लॉगिन करना होगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत नागरिकों को जनगणना से जुड़े लगभग 30 प्रश्नों का उत्तर स्वयं भरना होगा। स्व-गणना पूर्ण करने के बाद एक एसएमएस प्राप्त होगा, जिसे संबंधित क्षेत्र के प्रगणक को दिखाना आवश्यक होगा। उप विकास आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना के माध्यम से भरा गया डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग केवल आधिकारिक जनगणना उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस नई सुविधा के बारे में आम नागरिकों को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भाग लेकर इसे सफल बना सकें।

आगे उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में मीडिया एक सशक्त सेतु का कार्य करता है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से आग्रह किया कि वे सही एवं प्रमाणिक जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें। उन्होंने कहा कि “हर नागरिक की सहभागिता इस महाअभियान की सफलता की कुंजी है।” कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे जनगणना 2027 में सक्रिय रूप से भाग लें। “हर परिवार अपनी जनगणना की जानकारी स्वयं दर्ज करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें” – इस संदेश के साथ लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया गया। यह भी बताया गया कि नागरिकों द्वारा दी गई सही एवं पूर्ण जानकारी जिले के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

स्व-गणना के दौरान नागरिकों से मुख्य रूप से आवास, परिवार की संरचना, बुनियादी सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। इसमें मकान के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री (फर्श, दीवार, छत), मकान का उपयोग एवं उसकी स्थिति, परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया से संबंधित विवरण (नाम, लिंग एवं सामाजिक वर्ग) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मकान के स्वामित्व की स्थिति, उपलब्ध कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल के स्रोत एवं उसकी उपलब्धता, प्रकाश के साधन, शौचालय एवं स्नानघर की सुविधा, गंदे पानी की निकासी, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन तथा खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। स्व-गणना प्रक्रिया के अंतर्गत घरेलू सुविधाओं एवं संसाधनों जैसे रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की उपलब्धता से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे। साथ ही, परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज एवं केवल जनगणना संबंधी संप्रेषण के लिए मोबाइल नंबर की जानकारी भी ली जाएगी।

*जनगणना 2027: स्व-गणना प्रक्रिया (झारखण्ड):-
अब आप खुद से मोबाइल/लैपटॉप पर अपनी जनगणना की जानकारी भर सकते हैं। पूरा प्रोसेस 4 भाग में है:
*भाग 1: पोर्टल में प्रवेश एवं पंजीकरण*
1. *वेबसाइट*: https://se.census.gov.in पर जाएं
2. *क्षेत्र चुनें*: राज्य = झारखण्ड, अपना क्षेत्र सेलेक्ट करें
3. *कैप्चा*: स्क्रीन पर दिख रहा कोड डालें
4. *परिवार पंजीकरण*:
   - मुखिया का नाम भरें
   - 10 अंकों का मोबाइल नंबर डालें
   - ईमेल आईडी (जरूरी नहीं)
*⚠️ ध्यान दें*: पंजीकरण के बाद नाम बदल नहीं सकते। एक परिवार = एक ही मोबाइल नंबर
*भाग 2: सत्यापन एवं स्थान की पहचान*
1. *भाषा*: अपनी पसंदीदा भाषा चुनें
2. *OTP*: मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें
3. *स्थान विवरण*: जिला चुनें, पिन कोड डालें, गांव/शहर/वार्ड भरें
4. *मैप पर निवास*: डिजिटल मैप पर लाल मार्कर को खींचकर अपने घर की सही लोकेशन सेट करें और पुष्टि करें
*भाग 3: डेटा दर्ज करना और अंतिम प्रस्तुतीकरण*
1. *प्रश्नावली*: मकान, मुखिया और परिवार की सभी जानकारी भरें
2. *सहायता*: शंका हो तो FAQ और टूलटिप्स देखें
3. *पूर्वावलोकन*: 'Preview' में सारी जानकारी चेक करें, गलती सुधारें
4. *सबमिट*: "पुष्टि करें और सबमिट करें" पर क्लिक करें
*⚠️ ध्यान दें*: एक बार सबमिट के बाद कोई बदलाव नहीं होगा
*भाग 4: SE ID का सृजन और सत्यापन*
1. *SE ID मिलेगी*: सबमिट के बाद 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या मिलेगी। ये SMS से भी आएगी
2. *प्रगणक को दिखाएं*: जब Census वाला आपके घर आए तो SE ID बताएं
3. *सत्यापन*: 
   - SE ID मैच हुई तो डेटा स्वीकार
   - मैच नहीं हुई तो प्रगणक दोबारा जानकारी लेंगे।

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