गिरिडीह में 192 करोड़ की लागत से बनेगा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मंत्री व विधायक ने किया शिलान्यास।
SHIKHAR DARPANThursday, April 16, 2026
0
गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
जिले के जरीडीह, पचम्बा में गुरुवार को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) के निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार तथा गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के करकमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।करीब ₹192.27 करोड़ की लागत से बनने वाला यह इंजीनियरिंग कॉलेज जिले के शैक्षणिक इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उपायुक्त रामनिवास यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार और विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी और तकनीकी शिक्षा को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएगी।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छात्रों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा अपने ही क्षेत्र में मिले, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। उन्होंने पचम्बा को भविष्य में “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने की भी बात कही। वहीं विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि यह परियोजना गिरिडीह के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने इसे “झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव” बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। करीब 34.93 एकड़ में बनने वाले इस आधुनिक परिसर में दो अकादमिक ब्लॉक, छात्रावास (बालक-बालिका), मेस, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, स्टाफ क्वार्टर, वर्कशॉप, छात्र संसाधन केंद्र और एक भव्य ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा खेल सुविधाओं के तहत इनडोर स्टेडियम, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और वॉलीबॉल कोर्ट भी बनाए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता होगी। यह इंजीनियरिंग कॉलेज न केवल गिरिडीह बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों के लिए भी तकनीकी शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा और “शिक्षा से विकास, विकास से समृद्धि” के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।