मनरेगा कर्मियों की मांगों को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन, सेवा सुरक्षा व नियमितीकरण की उठी मांग।
SHIKHAR DARPANThursday, March 26, 2026
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जमुआ,शिखर दर्पण संवाददाता।
झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, प्रदेश कमिटी की ओर से मनरेगा कर्मियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर स्थानीय विधायक डॉ० मंजु कुमारी को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के प्रखड़ अध्यक्ष सुरेश प्रसाद बर्मा के नेतृत्व में यह मांगपत्र प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सफल संचालन में राज्य के हजारों कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सीमित मानदेय और अस्थायी सेवा शर्तों के बावजूद कर्मियों ने वर्षों से ग्रामीण विकास कार्यों को धरातल पर लागू करने में अहम योगदान दिया है। इसके बावजूद आज तक उन्हें सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और उचित वेतन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। संघ ने विधायक के समक्ष अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए बताया कि राज्य सरकार को मनरेगा कर्मियों के लिए स्थायीकरण नीति बनाकर उन्हें योग्यता एवं अनुभव के आधार पर स्थायी पदों पर समायोजित करना चाहिए।
साथ ही राज्य कर्मियों के समान ग्रेड-पे के साथ नियमित वेतन संरचना लागू करने एवं मार्च 2026 तक के लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा, चिकित्सा बीमा तथा मृत्यु की स्थिति में 30 लाख रुपये मुआवजा एवं आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी रखी गई। संघ ने सेवा शर्तों को स्पष्ट करने, निलंबन की व्यवस्था लागू करने, प्रोन्नति के अवसर देने तथा ग्रामीण विकास विभाग में 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण एवं आयु सीमा में छूट प्रदान करने की भी अपील की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में मृत लगभग 112 मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को मुआवजा एवं नौकरी दी जाए। साथ ही मामूली आरोपों में हटाए गए कर्मियों को पुनः बहाल करने और दूरस्थ प्रखंडों में पदस्थापित कर्मियों को उनके गृह या निकटवर्ती प्रखंड में स्थानांतरित करने की मांग की गई। संघ ने विधायक से आग्रह किया कि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर राज्य के हजारों मनरेगा कर्मियों को न्याय प्रदान किया जाए