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गिरिडीह डीटीओ कार्यालय की कार्यशैली की उच्चस्तरीय जांच की मांग, राजेश सिन्हा ने उठाए सवाल।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता। 

जिले के डीटीओ कार्यालय सहित विभिन्न सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राजेश सिन्हा ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि गिरिडीह डीटीओ ऑफिस में आम जनता से जुड़े कार्यों में बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में सरकारी शुल्क से दोगुना तक राशि बिचौलियों द्वारा वसूली जा रही है। इस प्रक्रिया में कई लोगों के बीच पैसों का बंटवारा होता है, जिसकी विस्तृत जानकारी जांच कमिटी को दी जाएगी। इसके अलावा भारी वाहनों के लाइसेंस में भी गड़बड़ी होने की बात कही गई। राजेश सिन्हा ने कहा कि केवल डीटीओ कार्यालय ही नहीं, बल्कि गिरिडीह ब्लॉक, मत्स्य विभाग, शिक्षा विभाग और रजिस्ट्री कार्यालयों में भी बाहरी एजेंटों का प्रभाव देखने को मिलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को अपने वैध कार्यों के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती है। उन्होंने गिरिडीह उपायुक्त से अपील की कि वे स्वयं पहल कर सभी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करें और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। साथ ही आम जनता को स्पष्ट संदेश देने की आवश्यकता बताई। हालांकि, उन्होंने डीटीओ द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियान की सराहना भी की, लेकिन अधिकारियों के कथित अभद्र व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बिना अभद्र भाषा के भी व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है। साथ ही नाबालिग चालकों और बिना नियम-कानून के चल रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। राजेश सिन्हा ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि एक वर्ष पूर्व उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिए थे, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल करें और अपनी आवाज उठाएं।

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