पंचायत सचिवालय में सरकारी कर्मियों की अनुपस्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी।
SHIKHAR DARPANTuesday, February 03, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
पीरटांड प्रखंड के कई पंचायत सचिवालय में सरकारी कर्मियों की नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोज़मर्रा के जरूरी कार्यों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत स्तर पर मिलने वाली मूलभूत सरकारी सेवाएं लगभग ठप होती नजर आ रही हैं, जिससे आम जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी कार्य, आवास योजना, मनरेगा से जुड़े कार्य सहित कई जरूरी कामों के लिए लोग पंचायत सचिवालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई बार दूर-दराज से आने के बावजूद सचिवालय में न तो पंचायत सचिव मिलते हैं और न ही कर्मचारी मिलते है। जनप्रतिनिधियों व प्रज्ञा केंद्र संचालक तो उपस्थित रहते हैं,लेकिन कर्मी नही।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिवालय का निर्धारित समय होने के बावजूद अधिकतर दिन कार्यालय बंद ही रहता है या फिर कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित रहते हैं।इससे बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।कई लोगों को निजी काम छोड़कर बार-बार पंचायत व ब्लॉक आना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जब कभी कर्मचारी मौजूद होते भी हैं, तो काम टालने की प्रवृत्ति देखने को मिलती है। आवेदन जमा करने के बाद महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास कमजोर होता जा रहा है।वहीं कुछ छात्रों ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण दस्तावेज में भी साइन करवाने को लेकर कर्मचारी द्वारा दिनभर पंचायत सचिवालय से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक का चक्कर काटना पड़ता है,
इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा साइन तक नहीं किया जाता है। अगर कर्मचारी से मुलाकात करना हो तो प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है नहीं तो प्रखंड मुख्यालय के किसी होटल में उनसे मिलना पड़ता है। जिस कारण हम छात्रों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि उच्च अधिकारियों को कई बार मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत सचिवालय में कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो।पंचायत स्तर पर सरकारी व्यवस्था की यह बदहाली प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।