Type Here to Get Search Results !

पीरटांड में प्रशासन की लाख कोशिश के बाद भी बराकर नदी में अवैध बालू उत्खनन जारी।

पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।

प्रशासन की मिली भगत से पीरटांड़ प्रखंड स्थित बराकर नदी में बड़े पैमाने पर अवैध बालू उत्खनन और परिचालन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नदी से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू निकालकर आसपास के जिलों में भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध उत्खनन पर पूर्ण रोक के निर्देश के बावजूद हर दिन यह कारोबार बेखौफ बदस्तूर जारी है।जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिला प्रशासन हर महीने जिला टास्क फोर्स की बैठक कर अवैध बालू उत्खनन, परिचालन और अवैध कोयला कारोबार पर लगाम लगाने के निर्देश देता है। इसके बावजूद प्रखंड क्षेत्र में प्रत्येक दिन अवैध बालू का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक मिलीभगत के कारण ही यह कारोबार निर्बाध रूप से चल रहा है।बताया जाता है कि पीरटांड़, डुमरी एवं मुफ्फसिल प्रखंड के विभिन्न घाटों से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों में बालू लोड कर तस्करी की जाती है। सुबह से देर रात तक बालू माफिया बराकर नदी के घाटों से ओवरलोड ट्रैक्टरों के जरिए बालू का उठाव करते हैं। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। वहीं, बड़े पैमाने पर अवैध डंपिंग से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है और नदियों का जलस्तर भी प्रभावित हो रहा है।

*इन घाटों से हो रहा अवैध उत्खनन:-
सूत्रों के अनुसार बराकर घाट, चंपानगर, बिशनपुर, जमुआ सहित कई घाटों से खुलेआम बालू निकाला जा रहा है। सरकारी कार्य का हवाला देकर बालू की तस्करी की जाती है। यह बालू बराकर नदी से निकलकर घोरचांची, घोरबाद, पालगंज, चिलगा, बिशनपुर, हरलाडीह, खुखरा और चिरकी होते हुए धनबाद जिले तक ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। तस्करी का यह काम विशेष रूप से रात के अंधेरे और अहले सुबह तेज गति से संचालित किया जाता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई करने और नदी व पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वही इसके बदले संबंधित थानों में सुविधा शुल्क महिनों का बंधा हुआ है ।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.