हरलाडीह दुष्कर्म कांड के विरोध में आदिवासी समाज का उग्र प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।
SHIKHAR DARPANSunday, February 01, 2026
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पीरटांड़,शिखर दर्पण संवाददाता।
पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत हरलाडीह ओपी क्षेत्र में बीते 25–26 जनवरी की देर रात दो नाबालिग आदिवासी युवतियों के साथ हुए जघन्य सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में रविवार को आदिवासी समाज की ओर से जोरदार विरोध रैली निकाली गई। यह रैली एक सप्ताह पूर्व हुई घटना को लेकर प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ थी। रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर गिरिडीह प्रशासन और हरलाडीह पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हरलाडीह ओपी परिसर पहुंचे, जहां आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “आदिवासी जत्रा ड्रामा बंद करो”, “बलात्कारियों को अविलंब गिरफ्तार करो”, “गिरिडीह पुलिस होश में आओ”, “दोषियों को फांसी दो”, “संथाल समाज की इज्जत से खिलवाड़ बंद करो” और “थाना प्रभारी मुर्दाबाद” जैसे तीखे नारे लगाए। आक्रोशित लोगों का कहना था कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने पीड़ित नाबालिगों को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।मौके पर स्थिति को संभालने पहुंचे डुमरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुमित प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिन-रात छापेमारी की जा रही है तथा तकनीकी सहायता भी ली जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।प्रदर्शनकारियों को समझाने में एसडीपीओ सुमित प्रसाद, इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद, बीडीओ मनोज मरांडी, सीओ ऋषिकेश मराण्डी, हरलाडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार, डुमरी थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद आदिवासी समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त किया, हालांकि चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान महिलाओं ने जतरा मेला पर पूर्ण प्रतिबंध और हड़िया शराब की बिक्री बंद करने की भी मांग उठाई। मौके पर आदिवासी समाज के सिकंदर हेम्ब्रम, अशोक हेम्ब्रम, शुशांत सोरेन, राजेश सोरेन, अर्जुन टुडू, बुधन हेम्ब्रम सहित कई महिलाएं एवं बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।