पारसनाथ पहाड़ व मरांग बुरु को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित करने की दिशा में ठोस पहल, प्रशासनिक बैठक संपन्न।
SHIKHAR DARPANMonday, February 02, 2026
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पीरटांड,शिखर दर्पण संवाददाता।
जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मधुबन स्थित सर्किट हाउस में सोमवार को पारसनाथ पहाड़, मरांग बुरु एवं मधुबन तीर्थ क्षेत्र को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक आयोजित हुई । बैठक का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और तीर्थ क्षेत्र में बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या का स्थायी समाधान निकालना रहा। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त स्मृति कुमारी ने की, जबकि पीरटांड प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज मराड़ी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण और स्वच्छ व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पारसनाथ पहाड़, मरांग बुरु एवं मधुबन जैन समुदाय के साथ-साथ आदिवासी समाज के लिए अत्यंत पवित्र स्थल हैं, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थ क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे और ठोस अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन समय की बड़ी आवश्यकता बन गई है।बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत संख्या–02 में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
साथ ही जलवायु-अनुकूल संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने की योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ।प्रशासन ने होटल, धर्मशाला संचालकों, मेला समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने में सहयोग की अपील की। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र की अवधारणा से जोड़ने पर बल दिया गया। वही बैठक के बाद श्री शिखरजी स्वच्छता समिति की ओर से मोमेंटो देकर उप विकास आयुक्त का सम्मान किया गया।बैठक में भरत साहू, विद्याभूषण मिश्रा, शैलेस जैन,सुजीत सिन्हा, सुरेंद्र महतो, अमित जैन, निर्मल तुरी, कैलाश अग्रवाल सहित ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति, मधुबन पंचायत प्रतिनिधि, मरांग बुरु संस्थान, होटल एवं धर्मशाला संचालक, मकर संक्रांति मेला समिति, स्थानीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन, स्थानीय समाज और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से पारसनाथ पहाड़ व मरांग बुरु क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।