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उसरी नदी किनारे चार हजार पेड़ लगाने को मिली मंजूरी, वन विभाग ने किया सर्वे।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

उसरी बचाव अभियान की मांग पर उसरी नदी के किनारे चार हजार पेड़ लगाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। वन विभाग द्वारा शुक्रवार को नदी तट का सर्वे भी किया गया। अभियान से जुड़े राजेश सिन्हा ने बताया कि उसरी नदी गिरिडीह के लिए जीवनदायिनी है और इंसान, जानवर, जलचर व पक्षियों के साथ-साथ जिले के भूजल स्तर को संतुलित रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में नदी का संरक्षण बेहद आवश्यक है।पूर्वी क्षेत्र के डीएफओ मनीष तिवारी की पहल पर एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। फिलहाल गड्ढा खुदाई का काम किया जाएगा और बरसात के मौसम में पौधारोपण किया जाएगा। पौधों की सुरक्षा के लिए घेराबंदी की जिम्मेदारी भी वन विभाग ने ली है। इस पहल पर उसरी बचाव अभियान की टीम ने वन विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि इस प्रयास में नगर विकास मंत्री की भी अहम भूमिका रही है, जिसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया गया है।

साथ ही जल्द से जल्द वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, कॉरिडोर निर्माण और उसरी-सिहोडीह पुल निर्माण की मांग दोहराई गई है। छिलका डैम के लिए सीसीएल गिरिडीह द्वारा लगभग चार करोड़ रुपये जिला प्रशासन को देने की बात भी सामने आई है, जिससे जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।उसरी बचाव अभियान की टीम जल्द ही गिरिडीह उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर विभिन्न योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने की मांग करेगी। सीसीएल के जीएम समेत संबंधित अधिकारियों को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया है।बताया गया कि पिछले वर्ष जागरूकता के उद्देश्य से उसरी महोत्सव का आयोजन किया गया था और इस वर्ष भी आयोजन की तैयारी की जा रही है। वहीं नदी पर बढ़ते अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा गया कि कुछ फैक्ट्रियां उसरी पर निर्भर होने के बावजूद संरक्षण के प्रति उदासीन हैं। विशेष रूप से बालमुकुंद फैक्ट्री द्वारा प्रतिदिन 40-50 टैंकर पानी उठाने का विरोध जारी रखने की बात भी कही गई है।

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