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मरांगबुरु पारसनाथ में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया बहा पर्व, मंत्रीगण हुए शामिल//नही पहुँच पाए मुख्यमंत्री।

गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।

प्रकृति परंपरा और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक बहा पर्व का आयोजन मरांगबुरु पारसनाथ में पूरे पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ किया गया। आदिवासी समुदाय के प्रमुख प्रकृति पर्व के अवसर पर पूजा-अर्चना, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हेमंत सोरेन को उपस्थित होना था, लेकिन वे किसी कारणवश शामिल नहीं हो सके। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री फागु बेसरा एवं घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन कार्यक्रम में उपस्थित हुए। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों से किया गया।अतिथियों ने मांझी थान में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि बहा पर्व प्रकृति, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का प्रतीक है।

राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, धर्म और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए जिस स्तर पर संघर्ष करना पड़े, किया जाएगा। “हमारी जमीन से हमें कोई बेदखल नहीं कर सकता। जमीन हमारे पूर्वजों की थी और रहेगी।मंत्री फागु बेसरा और विधायक सोमेश सोरेन ने भी अपने संबोधन में कहा कि बहा पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मरांगबुरु को समाज का शक्तिपीठ बताते हुए इसकी गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया।इस अवसर पर गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने अतिथियों को दिशोम मांझी थान में आयोजित बाहा पर्व की जानकारी दी। साथ ही डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से मरांगबुरु के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।
सुबह से ही मरांगबुरु पारसनाथ में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं और पुरुष मांदर की थाप पर नृत्य करते नजर आए। पूरा क्षेत्र ‘जोहार’ के उद्घोष से गूंज उठा।कार्यक्रम में गिरिडीह एसपी डॉ विमल कुमार, डीएफओ मनीष तिवारी, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जनसंपर्क पदाधिकारी अंजली भारती,डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद, एसडीएम, पीरटांड़ बीडीओ मनोज मरांडी, सीओ ऋषिकेश मरांडी,कई थाना प्रभारी समेत 700से अधिक जवान व आयोजन समिति के सदस्य एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।बाहा पर्व के आयोजन से पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहा और आदिवासी समाज की एकता एवं सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

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