जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मधुबन स्थित गुणायतन में मंगलवार को 58 आर्यिका दीक्षा दिवस एवं श्री सम्मेद शिखरजी पर्वत की 48 किमी की पावन परिक्रमा के साथ मांगलिक क्रियाएं हुईं पूर्ण हुई । जैन धर्म के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी में 58 वां आर्यिका दीक्षा दिवस महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और तपस्या के साथ संपन्न हुआ। इसी क्रम में श्री सम्मेद शिखरजी की 48 किलोमीटर लंबी पर्वत परिक्रमा भी सफलतापूर्वक पूर्ण की गई।यह पावन आयोजन 1 फरवरी 2026 को पावनधाम से प्रारंभ हुआ, जो 3 फरवरी को प्रातःकाल छठ घाट पर मंगल प्रवेश के साथ संपन्न हुआ। पर्वत परिक्रमा के उपरांत मुनिसंघ एवं आर्यिका संघ का श्री शिखरजी में मंगल प्रवेश हुआ।महासमाधि धारक परम पूज्य आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्यश्री समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य-शिष्याओं के मार्गदर्शन में यह आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन परम पूज्य मुनिश्री प्रमाणसागर जी महाराज, मुनिश्री धर्मसागर जी महाराज, मुनिश्री भावसागर जी महाराज एवं मुनिश्री आदिसागर जी महाराज ने किया।आर्यिका श्री ऋजुमति माताजी, आर्यिका श्री अनंतमति माताजी, आर्यिका श्री आदर्शमति माताजी सहित कुल 61 आर्यिका माताजी के सान्निध्य में परिक्रमा एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।परिक्रमा के दौरान मुनिसंघ का रात्रि विश्राम तोपचाची स्कूल में तथा आर्यिका संघ का विश्राम तोपचाची गेस्ट हाउस में हुआ। 2 फरवरी को आहारचर्या निमियाघाट जैन मंदिर में संपन्न हुई, जबकि रात्रि विश्राम निमियाघाट के अलग-अलग मंदिरों में किया गया। 3 फरवरी को विहार के पश्चात प्रातः बेला में छठ घाट पर मंगल प्रवेश हुआ। श्रीसेवायतन में संघ ने अवलोकन किया तथा गुणायतन में आहारचर्या संपन्न हुई। इसी के साथ 58 वां आर्यिका दीक्षा दिवस महोत्सव एवं सभी मांगलिक क्रियाएं विधिवत पूर्ण हुईं।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री कर्तव्यमति माताजी, आर्यिका श्री पृथ्वीमति जी, आर्यिका श्री निर्वाणमति जी, आर्यिका श्री मार्दवमति जी, आर्यिका श्री मंगलमति जी, आर्यिका श्री ध्यानमति जी, आर्यिका श्री श्रुतमति जी, आर्यिका श्री चारित्रमति जी, आर्यिका श्री श्रद्धामति जी एवं आर्यिका श्री ऋजुमति माताजी ने अपनी आध्यात्मिक अनुभूतियां साझा कीं।कार्यक्रम में देश के विभिन्न नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। *आयोजन समिति ने जानकारी दी कि आगामी धार्मिक आयोजनों के तहत—5 फरवरी 2026 (गुरुवार) को प्रातः 08 बजे श्री सम्मेद शिखरजी की टोक पर श्री पद्मप्रभु भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव, चरणाभिषेक एवं निर्वाण लाडु अर्पण के साथ मनाया जाएगा।8 फरवरी 2026 (रविवार) को प्रातः 08 बजे श्री सम्मेद शिखरजी की टोक पर श्री सुपार्श्वनाथ भगवान के चरणाभिषेक एवं निर्वाण लाडु अर्पण का आयोजन होगा। इस पावन आयोजन के आयोजक गुणायतन एवं श्रीसेवायतन परिवार रहे।