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आजादी के बाद तिसरी के लोहराडीह गांव में पहली बार पक्की सड़क की कवायद//बाबूलाल मरांडी ने किया शिलान्यास, ग्रामीणों में हर्ष।

तिसरी,शिखर दर्पण संवाददाता।

तिसरी प्रखंड अंतर्गत खटपोंक पंचायत के लोहराडीह गांव में पहली बार पक्की सड़क पहुंचने वाली है. सुबे के पहले मुख्यमंत्री सह वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के प्रयास से एनआरपी विभाग द्वारा चुल्हन चौक से शुकर यादव के घर तक पीसीसी व पुलिया निर्माण का कार्य शुरू होने वाला है. शुक्रवार को बाबूलाल मरांडी ने इसकी आधारशिला रखी.सड़क बनने की ख़ुशी में ग्रामीणों ने गाजे - बाजे के साथ बाबूलाल मरांडी का स्वागत किया.बतला दें कि एनआरपी विभाग द्वारा 24 लाख 94 हजार 200 की लागत से शुकर यादव के घर से चुल्हन चौक तक पीसीसी सड़क का निर्माण किया जाना है. आज़ादी के बाद पहली बार इस गांव में पक्की सड़क बनने वाली है.स्थानीय महिलाओं ने कहा कि बरसात के दिनों में उनके गांव तक पैदल आना भी मुहाल हो जाता था,सड़क के अभाव में लोगों को काफी परेशानी होती थी. महिलाओं ने स्थानीय विधायक बाबूलाल मरांडी के घर जाकर उनसे मुलाकात कर यहां सड़क निर्माण की मांग की थी. उन्होंने बाबूलाल के इस पहल के लिए उन्हें साधुवाद दिया है.

*झारखण्ड - बिहार की सीमा पर स्थित किल्ली नदी पर ओलाद बनाने की मांग* 
वहीं शिलान्यास के पश्चात आयोजित जनसभा में लोगों ने बाबूलाल मरांडी से झारखण्ड - बिहार के सीमा पर स्थित किल्ली नदी पर पुल बनवाने की मांग की.ताकि तिसरी के खटपोंक से बिहार के राजाडुमर तक जाना आसान हो सके. ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय चरवाहे मवेशियों को लेकर बिहार की ओर चले जाते हैं. नदी में पुल नहीं रहने के कारण बरसात के दिनों में चरवाहों और मवेशियों को बड़ी परेशानी होती है.पूर्व मुखिया लक्ष्मण मोदी ने कहा कि पुल बन जाने से तिसरी से चरकापत्थर की दुरी मात्र 16 मिल रह जाएगी. बिहार जाने के लिए लोगों को सुविधा होगी.

*हेमंत सरकार में ठप पड़ा सारा काम, सरकार से लड़कर करवाएंगे विकास* 
सभा के दौरान बाबूलाल मरांडी ने लोगों की इस मांग को स्वीकार करते हुए लिखित आवेदन देने को कहा. उन्होंने कहा कि अगर वे सरकार में होते तो इतना कहना ही नहीं पडता लेकिन वर्तमान हेमंत सरकार में सारा काम ठप पड़ा है. लेकिन वे सरकार से लड़ कर काम करवाएंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बड़े घर में पैदा हुए हैं इसलिए उन्हें गांव के लोगों की दुःख तकलीफ समझ में नहीं आती है. सड़क ही गांव की लाइफ लाइन होती है, गाँवों में सड़क,पानी और स्वास्थ्य की व्यवस्था जरूरी है.बाबूलाल ने लोगों को स्थानीय खोरठा भाषा में यह विश्वास दिलाया कि विकास कार्यों के लिए उन्हें जितनी भी लड़ाई लड़नी पड़ेगी वह लड़कर इस क्षेत्र का विकास करवाने का काम करेंगे.वहीं भाजपा के जिला मंत्री मनोज यादव ने भी अपने संबोधन में कहा कि जिस समय झारखंड का निर्माण हुआ था उस समय यह राज्य पूरी तरह उग्रवाद की चपेट में था. भाजपा सरकार और बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में ही उग्रवाद और अपराध पर लगाम लगाया जा सका.मौके पर सुनील साव,मोहन बर्णवाल,जानकी यादव, संवेदक राजकिशोर यादव, मदन यादव,किशुन यादव, उदय साव,डोमन बर्णवाल समेत भारी संख्या में महिला व पुरुष मौजूद थे.

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