शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखरजी के निहारीका क्षेत्र से जैन समाज के लिए अत्यंत दुःखद एवं भावविभोर कर देने वाला समाचार प्राप्त हुआ है। गुजरात गौरव गणिनी आर्यिकारत्न 105 श्री शुभमती माताजी एवं रत्नत्रय चंद्रिका विदूषी गणिनी आर्यिकारत्न 105 श्री स्वस्तिमति माताजी की परम शिष्या, 105 श्री आर्यिका समयमती माताजी (आयु 94 वर्ष) का बुधवार को पूर्वाह्न 11:40 बजे यमसल्लेखना पूर्वक शांतिपूर्वक समाधि हो गई।
बताया गया कि 105 श्री आर्यिका समयमती माताजी को लगभग 100 से अधिक पिच्छियों का मार्गदर्शन प्राप्त था। उनका संपूर्ण जीवन त्याग, तप, साधना और धर्म मार्ग पर समर्पित रहा। उनकी समाधि की सूचना से जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।समाधि उपरांत चलावा आज अपराह्न 3 बजे निहारीका कलश मंदिर से निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं साधु-साध्वियों के इसमें सम्मिलित होने की संभावना है।माताजी के समाधि प्राप्त होने को जैन धर्म के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए देश-विदेश से श्रद्धालु, संघ और समाजजन श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।